बरसात के मौसम में रेलवे ट्रैक पर जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए रेलवे विभाग ने कोल्हान क्षेत्र के सभी रेलवे स्टेशनों पर विशेष तैयारी की है। ट्रैक पर बारिश का पानी जमा न हो, इसके लिए रेलवे ने व्यापक स्तर पर ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करने का कार्य शुरू किया है।
ढाई करोड़ रुपये से तैयार हुआ ड्रेनेज सिस्टम
रेलवे विभाग ने लगभग 2.5 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे पटरियों के किनारे ड्रेनेज निर्माण का कार्य कराया है। इसका उद्देश्य बारिश का पानी तेजी से निकालना और ट्रैक को जलभराव से सुरक्षित रखना है, ताकि ट्रेन परिचालन प्रभावित न हो।
32 करोड़ रुपये की नई परियोजना भी होगी शुरू
रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) अनिल कुमार जैन ने बताया कि आने वाले दिनों में करीब 32 करोड़ रुपये की लागत से ड्रेनेज सिस्टम को और अधिक सुदृढ़ बनाने का कार्य किया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद भारी बारिश के दौरान भी रेलवे ट्रैक पर पानी जमा होने की समस्या काफी हद तक समाप्त होने की उम्मीद है।
जलजमाव से प्रभावित होती थीं ट्रेनें
हर वर्ष मानसून के दौरान कई रेलवे स्टेशनों और पटरियों पर जलभराव के कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित होता था। कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ता था, जबकि अनेक ट्रेनें घंटों विलंब से चलती थीं। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था।रेलवे का मानना है कि नई ड्रेनेज व्यवस्था लागू होने के बाद ट्रेनों की रफ्तार पर बारिश का असर काफी कम पड़ेगा और समय पर परिचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
यात्रियों को मिलेगी राहत
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बेहतर जल निकासी व्यवस्था से ट्रैक सुरक्षित रहेंगे और मानसून के दौरान ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारु रहेगा। इससे यात्रियों को विलंब और ट्रेन रद्द होने जैसी समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।
