बागबेड़ा में रेलवे की कार्रवाई पर भारी बवाल:इंजीनियरिंग टीम के साथ हाथापाई; विरोध के कारण टला अतिक्रमण अभियान

जमशेदपुर : बागबेड़ा थाना क्षेत्र स्थित ग्वाला बस्ती में सोमवार को रेलवे इंजीनियरिंग विभाग की टीम जब अवैध निर्माण हटाने पहुंची, तो उन्हें स्थानीय लोगों के उग्र विरोध का सामना करना पड़ा। हंगामे और अधिकारियों के साथ हुई हाथापाई के कारण अतिक्रमण हटाओ अभियान को बीच में ही रोकना पड़ा।

15 दिन पहले दिया गया था नोटिस

रेलवे प्रशासन के अनुसार, यह कार्रवाई ग्वाला बस्ती स्थित मेघा यादव के मकान पर केंद्रित थी।मकान रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से निर्मित है। इसके लिए करीब 15 दिन पहले नोटिस जारी किया जा चुका था।अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई न्यायालय से प्राप्त आदेश के आधार पर की जा रही थी।

विरोध, धक्का-मुक्की और हाथापाई

सोमवार सुबह जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, स्थिति तनावपूर्ण हो गई। बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने टीम को घेर लिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।बहस इतनी बढ़ गई कि लोगों ने रेलवे कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। खबर है कि सीनियर सेक्शन इंजीनियर के साथ भी हाथापाई की गई।मौके पर आरपीएफ और बागबेड़ा पुलिस के डेढ़ दर्जन से अधिक जवान तैनात थे, लेकिन करीब दो घंटे तक चले इस हंगामे के सामने वे बेबस नजर आए।

“वर्षों पुराना है आशियाना” – स्थानीय निवासी

स्थानीय लोगों का तर्क है कि वे यहाँ दशकों से बसे हुए हैं और अचानक घर तोड़ना अनुचित है। दूसरी ओर, रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अब कानूनी कार्रवाई की तैयारी

हंगामे के बाद रेलवे की टीम बिना कार्रवाई के वापस लौट गई है, लेकिन मामला यहीं शांत नहीं हुआ है। सरकारी कार्य में बाधा डालने और अधिकारियों के साथ हाथापाई करने के मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।रेलवे प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही भारी पुलिस बल के साथ दोबारा अभियान चलाया जाएगा।

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