झारखंड में मानसून के आगमन के करीब दो सप्ताह बाद भी अपेक्षित बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। धान का बिचड़ा तैयार होने के बावजूद पर्याप्त बारिश नहीं होने से धनरोपनी का कार्य प्रभावित हो रहा है। ऐसे में पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया प्रखंड में अच्छी बारिश की कामना को लेकर पारंपरिक पहाड़ पूजा का आयोजन शुरू हो गया है।जामीरा पहाड़ पर आयोजित इस पूजा में 12 मौजा के ग्रामीण पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए और क्षेत्र व राज्य में अच्छी वर्षा तथा बेहतर फसल की कामना की।
मान्यता: पहाड़ पूजा से होती है अच्छी बारिश
ग्रामीणों का मानना है कि पहाड़ पूजा करने से अच्छी बारिश होती है और धान की फसल बेहतर होती है। यदि पूजा के बाद भी बारिश नहीं होती है तो परंपरा के अनुसार दोबारा पहाड़ पूजा की जाती है। पूजा के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया जाता है।
4 जुलाई को होगी राज्य की सबसे बड़ी कान्हाईश्वर पहाड़ पूजा
पूर्वी सिंहभूम के चाकुलिया प्रखंड में स्थित कान्हाईश्वर पहाड़ की पूजा झारखंड की सबसे बड़ी पहाड़ पूजा मानी जाती है। इस वर्ष इसका आयोजन 4 जुलाई को होगा, जिसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।कान्हाईश्वर के अलावा जामीरा, सातनाला, गोटाशिला, खोड़ीपहाड़ी और घोटिडूबा पहाड़ की भी पूजा धूमधाम से की जाती है। इन आयोजनों में झारखंड के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
7 जुलाई को होगी गोटाशिला पहाड़ पूजा
माटियाबांधी पंचायत के घाघरा गांव स्थित गोटाशिला पहाड़ की पूजा 7 जुलाई को आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। यह आयोजन भी क्षेत्र की प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में शामिल है।
झारखंड में अब तक 62 प्रतिशत कम बारिश
मौसम के आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में अब तक सामान्य से 62 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। जहां इस अवधि तक लगभग 170.3 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, वहीं अब तक केवल 65.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।बारिश की कमी के कारण किसान खेती को लेकर चिंतित हैं, जबकि आम लोग भी उमस और गर्मी से परेशान हैं।
मौसम विभाग ने जारी किया बारिश और तेज हवा का अलर्ट
इसी बीच मौसम विभाग ने राहत की संभावना जताई है। विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में तेज हवा और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। किसानों और आम लोगों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मानसून सक्रिय होगा और वर्षा की कमी पूरी होगी।
