बिहार के जमुई जिले के झाझा थाना क्षेत्र के दादपुर गांव में रविवार रात हुए खूनी हमले में गंभीर रूप से घायल बेबी देवी की इलाज के लिए पटना ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने शव को दादपुर के समीप NH-333 पर रखकर सड़क जाम कर दिया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
शादी की तैयारियों के बीच घर पर हुआ हथियारबंद हमला
परिजनों के अनुसार, रविवार रात करीब नौ बजे दर्जनभर हथियारबंद लोग दिनेश यादव के घर पहुंचे। आरोप है कि हमलावरों ने पहले घर की बिजली काट दी और फिर तलवार, टांगी समेत अन्य धारदार हथियारों से परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया।इस हमले में सुहागा देवी, काजल कुमारी, कोमल कुमारी, सुबोध कुमार, उमेश कुमार यादव और बेबी देवी गंभीर रूप से घायल हो गए।
इलाज के दौरान बेबी देवी की मौत
घायलों को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, झाझा ले जाया गया। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सदर अस्पताल, जमुई रेफर किया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए सभी को पीएमसीएच, पटना भेजा गया, लेकिन रास्ते में बेबी देवी ने दम तोड़ दिया।
दो दिन बाद होनी थी बेटी की शादी
घटना के समय घर के मुखिया दिनेश यादव अपनी बेटी काजल की 1 जुलाई को होने वाली शादी की तैयारियों के लिए बाजार गए हुए थे। परिवार के अनुसार, शादी की तैयारियां अंतिम चरण में थीं, लेकिन इस घटना ने पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।
जमीन विवाद को लेकर लगाए गए आरोप
घायल उमेश यादव और अन्य परिजनों ने आरोप लगाया कि दिनेश यादव के बड़े भाई वासुदेव यादव ने कथित रूप से घर का दरवाजा खोलकर हमलावरों को अंदर आने दिया। उनका दावा है कि इसके बाद परिवार पर हमला किया गया।परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि हमलावर पहले से गांव के एक व्यक्ति के घर ठहरे हुए थे। साथ ही वासुदेव यादव, सुभाष यादव और मनोज यादव को पहचानने का दावा किया है। उनका कहना है कि जमीन के बंटवारे को लेकर चल रहे पुराने विवाद के कारण इस घटना को अंजाम दिया गया।
