पोटका : पोटका प्रखंड के डोमजुड़ी उत्क्रमित उच्च विद्यालय की चारदीवारी को गांव के ही एक परिवार द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। शुक्रवार को पंचायत समिति सदस्य जालिम मार्डी और बाबूलाल टुडू के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीणों ने पोटका अंचल कार्यालय का घेराव किया और दोषियों पर अविलंब कार्रवाई की मांग की।
क्या है पूरा मामला?
ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय की यह चारदीवारी तत्कालीन विधायक अमूल्य सरदार के प्रयासों और विद्यालय निधि से बनाई गई थी। निर्माण से पूर्व अंचल अधिकारी द्वारा बाकायदा जमीन का सीमांकन भी किया गया था।आरोप है कि गांव के ही एक परिवार ने मनमानी करते हुए लगभग 20 फीट तक की बाउंड्री वॉल को तोड़ दिया है। स्कूल की संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की इस घटना से पूरे डोमजुड़ी और आसनबनी क्षेत्र में तनाव व्याप्त है।
प्रशासन की ‘सुस्ती’ से नाराज ग्रामीण
ग्रामीणों का सबसे बड़ा आरोप अंचल प्रशासन की कार्यशैली पर है। परगना हरि पोदो मुर्मू और माझी बाबा लेदेन किस्कू ने बताया इस मामले को लेकर अंचल अधिकारी निकिता बाला को पहले ही लिखित आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक जांच के नाम पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रशासन की चुप्पी से नाराज ग्रामीणों ने अब 2 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यदि 48 घंटे के भीतर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई और दीवार मरम्मत की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो वे स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला जड़ देंगे।
उच्च अधिकारियों तक पहुँचा मामला
ग्रामीण अब इस लड़ाई को आर-पार के मूड में लड़ रहे हैं। अंचल कार्यालय के साथ-साथ मामले की शिकायत निम्नलिखित स्तरों पर भी की जा रही है जिसमें जादूगोड़ा थाना में आपराधिक कृत्य के लिए प्राथमिकी दर्ज कराने हेतु और एसडीओ धालभूम को प्रशासनिक हस्तक्षेप और न्याय के लिए आवेदन सौपा जा रहा है।
मौके पर मौजूद लोग
इस विरोध प्रदर्शन में गोपीनाथ मार्डी, गणेश कर्मकार, गोवर्धन सीट, चुनाराम सोरेन, बुद्धेश्वर गोप, सोनाराम माझी, नवदीप दास समेत भारी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष शामिल थे।
