सरायकेला : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सरायकेला-खरसावां के तत्वावधान में रविवार को जेल परिसर में जेल अदालत सह चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस दौरान नालसा की नई योजना ‘एसपीआरयूएचए’ 2025 के बारे में बंदियों को जागरूक करने के लिए एक विशेष विधिक साक्षरता कार्यक्रम भी चलाया गया।
बंदियों और उनके परिवारों को मिलेगा कानूनी सुरक्षा कवच
डालसा सचिव तौसीफ मेराज ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बंदियों को एसपीआरयूएचए योजना के फायदों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य केवल बंदियों की मदद करना नहीं, बल्कि उनके परिवारों को भी सुरक्षा देना है। बंदियों को अपनी पैरवी के लिए मुफ्त कानूनी परामर्श और वकील उपलब्ध कराए जाएंगे।जेल से रिहा होने के बाद बंदियों को समाज की मुख्यधारा में लौटने और स्वरोजगार के लिए पुनर्वास में मदद मिलेगी। बंदियों को विभिन्न कल्याणकारी सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने की सुविधा प्रदान की जाएगी। इस योजना के तहत बंदियों के आश्रित परिवार के सदस्य भी लाभान्वित हो सकेंगे।
स्वास्थ्य जांच और आवश्यक उपचार
जेल अदालत के साथ-साथ परिसर में एक व्यापक चिकित्सा शिविर भी लगाया गया। चिकित्सा पदाधिकारियों और कर्मियों की टीम ने जेल के बंदियों की सामान्य एवं विशेष स्वास्थ्य जांच की।जांच के बाद आवश्यकतानुसार बंदियों को दवाइयां वितरित की गईं और गंभीर समस्याओं वाले मरीजों को उचित उपचार की सलाह दी गई।
प्रशासनिक मौजूदगी
इस कार्यक्रम के दौरान जेल प्रशासन और कानूनी जगत के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें सतेंद्र कुमार: जेल अधीक्षक,तौसीफ मेराज: सचिव, डालसा (सरायकेला-खरसावां),दिलीप कुमार शाह: एलएडीसी चीफ के अलावा चिकित्सा पदाधिकारी एवं जेल के कर्मी भी उपस्थित थे।
