जमशेदपुर: परसुडीह स्थित श्यामा प्रसाद इंटर कॉलेज में 12वीं कक्षा के एक छात्र द्वारा क्लासरूम में कट्टा और जिंदा कारतूस लाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कॉलेज प्रबंधन ने जांच की, जिसमें मामला सही पाया गया। इसके बाद संबंधित छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
19 जून को हुई थी घटना, सहपाठी ने बनाया वीडियो
जानकारी के अनुसार, 19 जून 2026 को विज्ञान संकाय के एक छात्र ने अपने बैग में रखे कट्टा और जिंदा कारतूस को कक्षा में अपने सहपाठियों को दिखाया था। इसी दौरान एक अन्य छात्र ने घटना का वीडियो बना लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद मामला चर्चा में आया।
पहले किया गया इनकार, जांच में सामने आई सच्चाई
वीडियो वायरल होने के बाद जब कॉलेज प्रबंधन से जानकारी मांगी गई तो प्रारंभिक स्तर पर घटना से इनकार किया गया। हालांकि वीडियो सामने आने पर कॉलेज के प्राचार्य और शिक्षकों ने जांच शुरू की। जांच में पुष्टि हुई कि वीडियो में दिखाई देने वाले छात्र उसी कॉलेज के 12वीं विज्ञान वर्ग के विद्यार्थी हैं।
पूछताछ में छात्र ने कबूला हथियार लाने का कारण
कॉलेज प्रशासन द्वारा पूछताछ किए जाने पर छात्र ने स्वीकार किया कि कुछ दिन पहले छात्रों के बीच हुए विवाद और मारपीट के बाद वह कॉलेज में अपनी धाक जमाने के उद्देश्य से हथियार लेकर आया था। छात्र ने यह भी बताया कि उसे यह हथियार उसके क्षेत्र के एक परिचित युवक ने उपलब्ध कराया था।
तीन छात्रों को निष्कासित करने की प्रक्रिया शुरू
कॉलेज के प्राचार्य एस.सी. महतो ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच में मामला सही पाया गया है। वीडियो में दिखाई देने वाले तीनों छात्र 12वीं विज्ञान वर्ग के विद्यार्थी हैं। पूरे घटनाक्रम की पुष्टि होने के बाद तीनों छात्रों को कॉलेज से निष्कासित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
शैक्षणिक संस्थानों में ऐसी घटनाएं गंभीर: प्राचार्य
प्राचार्य एस.सी. महतो ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में इस प्रकार की घटनाएं बेहद गंभीर हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कॉलेज प्रशासन सख्त नियम लागू करेगा। साथ ही छात्रों की निगरानी और अनुशासन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।
सुरक्षा और अनुशासन पर उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद कॉलेजों और स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था तथा छात्रों की निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अभिभावकों ने भी शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने की मांग की है।
