जमशेदपुर: कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एमजीएम) में अव्यवस्थाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से बने नवनिर्मित अस्पताल भवन को दो वर्ष पूरे होने वाले हैं, लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी कई समस्याएं अब भी बनी हुई हैं।
पानी, शौचालय और लिफ्ट की समस्या से जूझ रहे मरीज
अस्पताल में पानी की आपूर्ति, शौचालयों की खराब स्थिति और लिफ्ट की समस्या पिछले चार महीनों से लगातार बनी हुई है। इन समस्याओं का अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। इसका सबसे अधिक असर मरीजों और उनके परिजनों पर पड़ रहा है, जिन्हें रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
13 में से सिर्फ 2 लिफ्ट चालू, एक आम लोगों के लिए उपलब्ध
अस्पताल की सबसे गंभीर समस्या लिफ्ट व्यवस्था को लेकर सामने आई है। वर्तमान में अस्पताल में लगी 13 लिफ्टों में से केवल 2 ही कार्यरत हैं। इनमें से एक लिफ्ट ऑपरेशन थिएटर (ओटी) और डॉक्टरों के उपयोग के लिए आरक्षित है। ऐसे में मरीजों और आम लोगों के लिए केवल एक लिफ्ट ही उपलब्ध है।इस वजह से लिफ्ट के बाहर मरीजों और उनके परिजनों की लंबी कतारें लग रही हैं। अस्पताल आने वाले बुजुर्ग, दिव्यांग और गंभीर मरीजों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बढ़ते लोड से एकमात्र चालू लिफ्ट पर भी संकट
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, यदि बंद पड़ी अन्य लिफ्टों की जल्द मरम्मत नहीं हुई तो एकमात्र चालू लिफ्ट पर अत्यधिक दबाव बढ़ सकता है। इससे उसके भी खराब होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके बाद अस्पताल में आवागमन की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
टेंडर समाप्त होने के बाद फंसा रखरखाव का मामला
जानकारी के मुताबिक, लिफ्टों के रखरखाव की जिम्मेदारी स्कलिंडर नामक एजेंसी के पास थी, लेकिन उसका टेंडर समाप्त हो चुका है। अब अस्पताल प्रबंधन गारंटी पीरियड के तहत लिफ्ट निर्माण कंपनी से खराब लिफ्टों की मरम्मत कराने का प्रयास कर रहा है।
स्वास्थ्य सचिव को भी भेजी गई सूचना
अस्पताल प्रबंधन ने लिफ्ट और अन्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं की जानकारी झारखंड के स्वास्थ्य सचिव को भी दी है। हालांकि अब तक इस दिशा में कोई ठोस या प्रभावी पहल नहीं हो सकी है। तकनीकी और प्रशासनिक कारण चाहे जो भी हों, लेकिन इसका खामियाजा मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ रहा है।
मरीजों की बढ़ रही परेशानी
कोल्हान के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल पहुंचते हैं। ऐसे में लिफ्ट, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की बदहाल स्थिति अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही है। मरीजों और उनके परिजनों ने जल्द समाधान की मांग की है।
