जमशेदपुर: झारखंड क्षत्रिय संघ, सिदगोड़ा इकाई के द्वारा साकची स्थित आशिर्वाद वृद्धाश्रम में महान स्वतंत्रता सेनानी वीर कुंवर सिंह जी का विजयोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में आजसू नेता चंद्रगुप्त सिंह उपस्थित रहे।
80 वर्ष की उम्र में भी दिखाया अदम्य साहस
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि ने उपस्थित वृद्धजनों को संबोधित करते हुए बताया कि 80 वर्ष की उम्र में भी वीर कुंवर सिंह ने अंग्रेजों के खिलाफ वीरता से युद्ध लड़ा। उन्होंने जगदीशपुर (आरा, भोजपुर) में अंग्रेजों के झंडे को उखाड़ फेंक कर अपने अदम्य साहस का परिचय दिया।उन्होंने यह भी बताया कि युद्ध के दौरान गोली लगने पर कुंवर सिंह ने अपने घायल हाथ को स्वयं गंगा नदी में काटकर समर्पित कर दिया, जो उनके अद्वितीय बलिदान और देशभक्ति का प्रतीक है।
26 अप्रैल 1858: देश ने खोया एक वीर सपूत
26 अप्रैल 1858 को भारत ने अपना एक महान योद्धा खो दिया। उनके बलिदान से हमें जीवन में कभी हार न मानने और साहस के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
वृद्धजनों के साथ मनाया गया उत्सव
इस मौके पर संघ के सदस्यों ने वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों को भोजन कराया और उनका आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम में झारखंड क्षत्रिय संघ के अध्यक्ष अमित कुमार सिंह सहित कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।
