जमशेदपुर में मोहर्रम का जुलूस शनिवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पारंपरिक तरीके और पूरी श्रद्धा के साथ निकाला गया। सुबह से ही साकची, मानगो, कदमा, जुगसलाई, गोलमुरी, बिष्टुपुर, सोनारी, परसुडीह समेत कई इलाकों में अखाड़ा समितियों और ताजिया जुलूसों में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
युवाओं ने दिखाए पारंपरिक करतब
मोहर्रम जुलूस के दौरान युवाओं ने लाठी, तलवार और अन्य पारंपरिक युद्धक कलाओं के हैरतअंगेज करतब प्रस्तुत किए। इन प्रदर्शनों को देखने के लिए सड़क किनारे बड़ी संख्या में लोग जुटे रहे। पूरे मार्ग में धार्मिक आस्था, अनुशासन और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
मोहर्रम के अवसर पर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। वहीं, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने लगातार विभिन्न इलाकों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।जुलूस पूर्व निर्धारित मार्गों से शांतिपूर्वक संपन्न हुआ और शहर के किसी भी हिस्से से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
भाईचारे और सौहार्द की मिसाल बना मोहर्रम
जिला प्रशासन ने सभी अखाड़ा समितियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि आपसी भाईचारे, अनुशासन और सामाजिक सौहार्द के कारण मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।प्रशासन ने कहा कि धार्मिक आयोजनों को सफल बनाने में नागरिकों का सहयोग सराहनीय रहा। पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था के बीच धार्मिक आस्था और सामाजिक सद्भाव का सुंदर उदाहरण देखने को मिला।
