
जमशेदपुर: झारखंड के घाटशिला (अनुसूचित जनजाति) विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में मतगणना का पहला राउंड पूरा होने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रत्याशी सोमेश चंद्र सोरेन ने जबरदस्त बढ़त बना ली है। उन्होंने 5450 वोट हासिल कर सभी दलों को पीछे छोड़ दिया। भाजपा के बाबूलाल सोरेन को 2204 वोट मिले, जबकि जेएलकेएम के रामदास मुर्मू 3286 वोटों के साथ खड़े हैं।जिला निर्वाचन पदाधिकारी के मीडिया कोषांग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति-94/2025 के अनुसार, मतगणना 14 नवंबर को सुबह शुरू हुई। पहले राउंड में कुल 14 प्रत्याशियों और नोटा (नोटा वोट) के बीच वोटों का बंटवारा हुआ। यह उपचुनाव पूर्व विधायक की मृत्यु के कारण रिक्त हुई सीट पर हो रहा है, जिसमें आदिवासी बहुल क्षेत्र की राजनीति पर सभी की नजरें टिकी हैं।
पहले राउंड के प्रमुख आंकड़े:
- सोमेश चंद्र सोरेन (झामुमो): 5450 वोट – मजबूत प्रदर्शन के साथ शीर्ष पर।
- बाबूलाल सोरेन (भाजपा): 2204 वोट – गठबंधन की उम्मीदें बरकरार।
- रामदास मुर्मू (जेएलकेएम): 3286 वोट – तीसरे स्थान पर सरप्राइज पैकेज।
- डॉ. श्रीलाल किस्कू (निर्दलीय): 134 वोट – निर्दलीयों में सबसे आगे।
- विकास हेम्ब्रम (निर्दलीय): 94 वोट।
- नोटा: 204 वोट – मतदाताओं की नाराजगी का संकेत?
अन्य निर्दलीय प्रत्याशियों का प्रदर्शन कमजोर रहा। भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के पंचानन सोरेन को मात्र 64 वोट, पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) की पार्वती हांसदा को 24, तथा बाकी निर्दलीयों जैसे नारायण सिंह (25), परमेश्वर टुडू (26), बसंत कुमार तोपनो (12), मनसा राम हांसदा (40), मनोज कुमार सिंह (56) और रामकृष्ण कांति माहली (30) को सीमित समर्थन मिला।
चुनाव आयोग के अनुसार, मतगणना आगे के राउंड में जारी रहेगी, और अंतिम परिणाम आज शाम तक स्पष्ट हो सकते हैं। घाटशिला क्षेत्र में झामुमो का पारंपरिक वर्चस्व रहा है, लेकिन भाजपा और अन्य दलों की सक्रियता से मुकाबला कड़ा होने की उम्मीद थी। पहले राउंड के नतीजों से लगता है कि आदिवासी वोटों का ध्रुवीकरण झामुमो के पक्ष में हो रहा है।
मतदाता जागरूकता अभियान के तहत नोटा को 204 वोट मिलना भी चर्चा का विषय बन गया है, जो स्थानीय मुद्दों जैसे विकास, रोजगार और आदिवासी अधिकारों पर असंतोष को दर्शाता है। जिला प्रशासन ने मतगणना केंद्रों पर शांति बनाए रखने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं।
