
हजारीबाग:”जेल की हर जंजीर को तोड़ना जानता है वह…”फिल्म ‘कालिया’ का यह संवाद धनबाद के लोयाबाद निवासी कुख्यात अपराधी देवा भुईयां पर सटीक बैठता है। हजारीबाग सेंट्रल जेल की ‘अभेद्य’ सुरक्षा को धता बताते हुए देवा भुईयां अपने तीन साथियों के साथ फरार हो गया है। इस दुस्साहिक घटना ने न केवल जेल प्रशासन की नींद उड़ा दी है, बल्कि झारखंड की पुलिसिंग और जेल सुरक्षा दावों की कलई खोलकर रख दी है।
हैबिटुअल ‘एस्केप आर्टिस्ट’: तीसरी बार पुलिस को दिया चकमा
देवा भुईयां के लिए जेल की दीवारें कभी बाधा नहीं रहीं। यह पहली बार नहीं है जब उसने कानून की आंखों में धूल झोंकी हो सबसे पहले वह पुलिस हिरासत से थाना परिसर से ही भागने में सफल रहा था। इसके बाद वह धनबाद जेल की सुरक्षा को भेदकर फरार हुआ और करीब तीन साल तक पुलिस को छकाता रहा।दिसंबर 2023 में लोयाबाद पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के बाद उसे धनबाद से हजारीबाग शिफ्ट किया गया था, जहाँ से शनिवार को वह फिर फरार हो गया।
कौन है देवा भुईयां?
देवा भुईयां केवल एक भगोड़ा नहीं, बल्कि एक सजायाफ्ता और खतरनाक अपराधी है। उसे वर्ष 2016 में कतरास थाना में दर्ज पॉक्सो एक्ट के एक गंभीर मामले में धनबाद कोर्ट ने 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। उसके खिलाफ कतरास, राजगंज, ईस्ट बसूरिया और लोयाबाद सहित विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, लूट और रंगदारी जैसे कुल 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
सुरक्षा कारणों से किया गया था शिफ्ट, फिर भी हुई चूक
धनबाद जेल से पहले भी भागने के इतिहास को देखते हुए प्रशासन ने उसे ‘हाई रिस्क’ अपराधी मानते हुए हजारीबाग सेंट्रल जेल ट्रांसफर किया था। माना जा रहा था कि सेंट्रल जेल की ऊँची दीवारें और कड़ा पहरा उसे रोकने में सक्षम होगा। लेकिन शनिवार सुबह उसके और उसके साथियों के गायब होने की खबर ने यह साबित कर दिया कि जेल की व्यवस्था में ‘छेद ही छेद’ हैं।
पुलिस की कार्रवाई: हाई अलर्ट पर जिले की सीमाएं
घटना के बाद हजारीबाग और धनबाद पुलिस की कई टीमें अलर्ट मोड पर हैं। देवा और उसके साथियों की संभावित छिपने की जगहों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। जेल महानिरीक्षक इस मामले में सुरक्षा चूक को लेकर जेल वार्डन और सुरक्षाकर्मियों की जवाबदेही तय कर सकते हैं।
