
जमशेदपुर:’आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और देश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को राष्ट्रीय सुरक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जमशेदपुर तैयार है। आगामी 16 और 17 जनवरी 2026 को आदित्यपुर ऑटो क्लस्टर में दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तर के ‘एमएसएमई डिफेंस कॉन्क्लेव 2026’ का आयोजन होने जा रहा है।इस कॉन्क्लेव के जरिए न केवल कोल्हान, बल्कि देश भर के एमएसएमई को रक्षा उत्पादन की विशाल श्रृंखला का हिस्सा बनने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
प्रमुख सहयोगी और दिग्गज संस्थाएं
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए देश की प्रतिष्ठित औद्योगिक और व्यावसायिक संस्थाएं एक मंच पर आई हैं।आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, और लघु उद्योग भारती के सहयोग से यह कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। ‘भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स’ को नोडल एजेंसी और ‘भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड’ को नोडल डीपीएसयू के रूप में नामित किया गया है।
क्या होगा खास?
दो दिनों तक चलने वाले इस कॉन्क्लेव में रक्षा उत्पादन की बारीकियों और व्यापारिक संभावनाओं पर केंद्रित कई सत्र होंगे। स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के एमएसएमई अपने नवाचारों, कलपुर्जों और अत्याधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन करेंगे। यह कॉन्क्लेव छोटे उद्यमियों और रक्षा क्षेत्र के बड़े सरकारी व निजी खरीदारों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का मंच बनेगा। सेमिनार और पैनल चर्चा के जरिए रक्षा मंत्रालय की नीतियों, निर्यात की संभावनाओं और भविष्य की चुनौतियों पर मंथन होगा।
प्रतिष्ठित प्रतिभागियों का जमावड़ा
कॉन्क्लेव में रक्षा जगत के कई बड़े नाम शामिल हो रहे हैं। इनमें।हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड ,टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और महिंद्रा डिफेंस है।सेवानिवृत्त एयर चीफ मार्शल अरूप राहावाहन फैक्टरी जबलपुर और अर्न्स्ट एंड यंगके विशेषज्ञ शामिल होंगे।रक्षा मंत्रालय (भारत सरकार) के प्रतिनिधि भी नीतिगत जानकारी साझा करेंगे।
रक्षा राज्य मंत्री करेंगे शिरकत
इस राष्ट्रीय कॉन्क्लेव का विधिवत उद्घाटन माननीय रक्षा राज्य मंत्री (भारत सरकार) श्री संजय सेठ द्वारा किया जाएगा। उनकी उपस्थिति इस बात का संकेत है कि केंद्र सरकार झारखंड के औद्योगिक हब को रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी भूमिका देने के लिए गंभीर है।
MSME के लिए ‘गोल्डन चांस’
कॉन्क्लेव का मुख्य फोकस छोटे उद्योगों को ‘iDEX’ (Innovation for Defence Excellence) और ‘मेक प्रोजेक्ट’ जैसी सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना है। इसके माध्यम से उद्यमियों को यह पता चलेगा कि वे किस प्रकार भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के लिए कलपुर्जे बनाकर देश की सुरक्षा में योगदान दे सकते हैं और अपना व्यवसाय बढ़ा सकते हैं।
