सिद्धू कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय दुमका: सेमेस्टर-4 के रिजल्ट में भारी गड़बड़ी पर बवाल; एबीवीपी ने प्रशासनिक भवन का किया घेराव, दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

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दुमका: सिद्धू कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के सेमेस्टर-4 के परीक्षा परिणामों में सामने आई व्यापक त्रुटियों ने सैकड़ों छात्र-छात्राओं के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। इस धांधली के खिलाफ मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का जोरदार घेराव किया और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

रिज़ल्ट में धांधली: कहीं अंक गायब, तो कहीं बिना वजह फेल

एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय द्वारा जारी सेमेस्टर-4 का परीक्षा परिणाम पूरी तरह से त्रुटिपूर्ण है। कई मेधावी छात्रों के अंक गलत तरीके से दर्ज किए गए हैं, जिससे उनका कुल प्रतिशत गिर गया है।बड़ी संख्या में ऐसे छात्रों को अनुत्तीर्ण कर दिया गया है, जिनकी परीक्षाएं अच्छी गई थीं। छात्र इसे मूल्यांकन प्रणाली की विफलता बता रहे हैं।छात्रों का कहना है कि रिजल्ट में सुधार न होने से वे आगे की कक्षाओं या प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवेदन करने से वंचित रह जाएंगे।

भ्रष्टाचार और मनमानी का भी उठा मुद्दा

घेराव के दौरान विद्यार्थी परिषद ने केवल रिजल्ट की गड़बड़ी ही नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यशैली पर भी तीखे प्रहार किए। छात्र नेताओं ने प्रमुखता से कॉलेज प्रशासन में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार और धन के दुरुपयोग के आरोप। परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी, बार-बार शिकायत के बावजूद अधिकारियों का छात्रों से न मिलना और उनकी समस्याओं को अनसुना करना।

“सड़क पर उतरने को मजबूर हुए छात्र”

एबीवीपी के नेतृत्व कर रहे छात्र नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की मनमानी अब बर्दाश्त से बाहर है। उन्होंने कहा हम पिछले कई दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे थे, लेकिन अधिकारियों ने हमारी मांगों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया। अब छात्र अपने हक के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हैं।

प्रशासन को अल्टीमेटम

घेराव के बाद एबीवीपी ने विश्वविद्यालय प्रशासन को एक मांग पत्र सौंपा और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द सेमेस्टर-4 के परीक्षा परिणामों में सुधार नहीं किया गया और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे विश्वविद्यालय क्षेत्र में तालाबंदी कर आंदोलन को और अधिक उग्र बनाया जाएगा।

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