
जमशेदपुर: समाज के गरीब, वंचित और जेलों में बंद कैदियों को समय पर कानूनी मदद सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सभागार में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्यों और अधिकार मित्रों (पैरा लीगल वॉलंटियर्स ) को उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों के प्रति प्रशिक्षित किया गया।
बंदी आवेदनों पर होगा ‘त्वरित संज्ञान’
प्रशिक्षण के दौरान एलएडीसी विदेश सिन्हा ने कैदियों और पीड़ितों की कानूनी सहायता की प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि किसी भी पीड़ित या जेल में बंद कैदी द्वारा दिए गए कानूनी सहायता के आवेदन पर त्वरित संज्ञान लेना अनिवार्य है।आवेदन प्राप्त होते ही विधिक प्रक्रिया को तुरंत शुरू किया जाना चाहिए ताकि न्याय में देरी न हो।त्वरित न्याय’ ही विधिक सेवा प्राधिकार का मुख्य संकल्प है।
पीएलवी : समाज और न्याय के बीच की कड़ी
प्रशिक्षण सत्र में उपस्थित अधिकार मित्रों (पीएलवी) को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वे न्याय प्रणाली के जमीनी सिपाही हैं। उन्हें सुझाव दिया गया कि यह सुनिश्चित करना पीएलवी की जिम्मेदारी है कि किसी भी नागरिक के कानूनी अधिकारों का हनन न हो। पीएलवी न केवल लोगों को कानूनों के प्रति जागरूक करें, बल्कि गरीब एवं वंचित समुदाय के लोगों को कचहरी और वकीलों तक पहुँचने में मुख्य भूमिका निभाएं। समाज के पिछड़े वर्गों के प्रति संवेदनशील रहकर उन्हें सरकारी योजनाओं और विधिक अधिकारों का लाभ दिलाएं।
उपस्थित गणमान्य
इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र में एलएडीसी पवन तिवारी, अभिनव कुमार, मनोज कुमार, अंकित प्रताप, योगिता कुमारी सहित पीएलवी संजीत दास, प्रभात सरदार, रमैया एस और अन्य कई विधिक स्वयंसेवक मौजूद रहे।
