
जमशेदपुर: नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के उपलक्ष्य में कदमा स्थित डी.बी.एम.एस. कॉलेज ऑफ एजुकेशन में ‘पराक्रम दिवस’ का भव्य आयोजन किया गया। कॉलेज की एनएसएस यूनिट-1 और सोशल साइंस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के भीतर देशभक्ति और अनुशासन का नया संचार किया।
रानी झांसी रेजिमेंट की वीरांगनाओं का सजीव मंचन
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘आजाद हिंद फौज’ की रानी झांसी रेजिमेंट पर आधारित सजीव नाटकीय प्रस्तुति रही। विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक चरित्रों का इतनी कुशलता से मंचन किया कि पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की सशक्त भूमिका में परिमल पॉल ने अपनी प्रस्तुति से सबका ध्यान खींचा।
डॉक्यूमेंट्री और भाषण से दी श्रद्धांजलि
एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी पूनम कुमारी की देखरेख में कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई थी। कार्यक्रम में प्रज्ञा (हिंदी) और अमृता (अंग्रेजी) ने नेताजी के विचारों पर ओजस्वी भाषण दिया, रोहित और रवि द्वारा तैयार डॉक्यूमेंट्री के जरिए नेताजी के जीवन संघर्ष को दिखाया गया।अंजलि और रश्मि ने अपनी कविताओं के माध्यम से वीर रस का संचार किया। पूरी सभा का कुशल संचालन नंदिनी और आकांक्षा ने किया।
“त्याग और अनुशासन ही नेताजी की असली पहचान”: डॉ. जूही समर्पिता
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. जूही समर्पिता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नेताजी के व्यक्तिगत जीवन के उन पहलुओं को साझा किया जो आज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने आजाद हिंद फौज के गठन और देश की आजादी में उसके योगदान पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को त्याग, समर्पण और अनुशासन की राह पर चलने का आह्वान किया।
सफल आयोजन में टीम वर्क
कार्यक्रम को सफल बनाने में उप-प्राचार्य डॉ. मोनिका उप्पल, सचिव श्रीप्रिया धर्मराजन एवं सह-सचिव सुधा दिलीप ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कॉलेज के सभी शिक्षकों और सहायक कर्मचारियों के सहयोग से यह आयोजन एक गरिमामय एवं प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ।
