
जमशेदपुर: झारखंड आंदोलन के प्रखर नेता और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय सुधीर महतो की पुण्यतिथि गुरुवार को कदमा में अत्यंत श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में सत्ताधारी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के दिग्गज नेताओं, विधायकों और हजारों कार्यकर्ताओं ने शिरकत कर अपने प्रिय नेता को नमन किया।
“झारखंड आंदोलन के मजबूत स्तंभ थे सुधीर दा”
श्रद्धांजलि कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय सुधीर महतो के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। उपस्थित विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि झारखंड अलग राज्य की लड़ाई में सुधीर दा का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। वक्ताओं ने उनके जीवन के कई अनछुए पहलुओं को साझा किया। नेताओं ने कहा कि वे केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि झारखंड आंदोलन के ऐसे स्तंभ थे जिन्होंने गांव-गांव जाकर आदिवासियों और मूलवासियों को उनके अधिकारों के लिए एकजुट किया।सुधीर महतो ने सदैव सामाजिक न्याय, क्षेत्रीय विकास और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उनका साहस और सादगी आज भी झामुमो के कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
संकल्प: “अधूरे सपनों को करेंगे पूरा”
समारोह के दौरान झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे सुधीर महतो के बताए रास्तों पर चलेंगे। उन्होंने कहा कि सुधीर दा ने जिस समृद्ध और खुशहाल झारखंड का सपना देखा था, उसे साकार करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। झामुमो सरकार राज्य के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
दो मिनट का मौन और भावुक माहौल
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनसमूह ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान कदमा का माहौल काफी भावुक नजर आया, जहाँ समर्थकों ने ‘सुधीर महतो अमर रहें’ के नारे लगाकर आसमान गुंजा दिया।
कार्यक्रम में इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
श्रद्धांजलि सभा में मुख्य रूप से झामुमो के स्थानीय विधायक, वरिष्ठ पदाधिकारी, जिला समिति के सदस्य, महिला मोर्चा की नेत्रियाँ और भारी संख्या में सुधीर महतो के चाहने वाले स्थानीय नागरिक मौजूद थे।
