
जमशेदपुर: केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए आम बजट 2026 पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए देबाशीष झा ने इसे देश के भविष्य को संवारने वाला एक ऐतिहासिक बजट बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल संतुलित है, बल्कि आने वाले समय में भारत की प्रगति के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
युवाओं के सपनों को पंख देने वाला बजट
देबाशीष झा ने बजट की सराहना करते हुए इसे पूरी तरह युवा केंद्रित बताया। उन्होंने कहा बजट में युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और स्टार्टअप्स को लेकर जो प्रावधान किए गए हैं, वे देश की युवा शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम हैं। शिक्षा और तकनीक में निवेश यह दर्शाता है कि सरकार युवाओं को ग्लोबल मार्केट के लिए तैयार करना चाहती है।
व्यापारी और मजदूर वर्ग के लिए नई उम्मीदें
बजट के समावेशी स्वरूप पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने का संकल्प स्पष्ट दिखाई देता है।सूक्ष्म और लघु उद्योगों को मिलने वाली राहत और टैक्स प्रक्रियाओं के सरलीकरण से व्यापार जगत में उत्साह का माहौल है।श्रमिकों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के लिए की गई घोषणाएं उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करेंगी। यह बजट किसी एक क्षेत्र तक सीमित न रहकर गांव, शहर, कृषि और उद्योग—सभी के बीच एक आदर्श संतुलन बिठाता है।
“सबका साथ, सबका विकास” का संकल्प
देबाशीष झा ने विश्वास जताया कि बजट के प्रावधानों को धरातल पर उतारने से देश की आर्थिक रफ्तार तेज होगी। उन्होंने कहा यह बजट केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि हर वर्ग के लोगों के लिए एक सफल भविष्य की गारंटी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ-सबका विकास’ का संकल्प इस बजट के माध्यम से पूर्ण होता दिख रहा है।
