
जमशेदपुर:लौहनगरी का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल, एमजीएम , रविवार को अचानक रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। विधायक प्रतिनिधि के पुत्र और एक अन्य युवक के बीच हुए विवाद ने अस्पताल परिसर में हिंसक मोड़ ले लिया। जदयू समर्थकों द्वारा किए गए हंगामे और हाथापाई के कारण अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के बीच अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई।
दो गुटों में मारपीट और सिर पर 15 टांके
घटना की शुरुआत विधायक प्रतिनिधि पप्पू सिंह के बेटे अभिजीत सिंह और अंबिका पांडेय के भतीजे देव पांडेय के बीच हुए विवाद से हुई। आरोप है कि अभिजीत सिंह ने देव पांडेय पर जानलेवा हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल देव पांडेय को तत्काल एमजीएम अस्पताल लाया गया, जहाँ उसके सिर पर 15 टांके लगाने पड़े। इस आपसी झड़प में अभिजीत सिंह को भी चोटें आई हैं।
अस्पताल में जदयू समर्थकों का तांडव
जैसे ही घटना की सूचना विधायक प्रतिनिधि पप्पू सिंह को मिली, वे अपने दर्जनों समर्थकों के साथ एमजीएम अस्पताल पहुँचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, समर्थकों ने अस्पताल के भीतर ही दूसरे पक्ष के साथ हाथापाई शुरू कर दी। इमरजेंसी वार्ड, जहाँ गंभीर मरीजों का इलाज चलता है, वहां चीख-पुकार और हंगामे से स्थिति बेकाबू हो गई।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला: पत्रकार से धक्का-मुक्की
हंगामे की कवरेज कर रहे एक स्थानीय पत्रकार को भी उपद्रवियों के गुस्से का सामना करना पड़ा।वीडियो बना रहे पत्रकार के साथ समर्थकों ने न केवल धक्का-मुक्की की, बल्कि उसका मोबाइल भी छीन लिया ताकि घटना के सबूत मिटाए जा सकें।अस्पताल में मौजूद सुरक्षाकर्मी इस दौरान मूकदर्शक बने रहे, जिससे मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस की भूमिका और तनावपूर्ण स्थिति
घटना के काफी देर बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अस्पताल परिसर में भारी तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। पीड़ित पक्ष ने विधायक प्रतिनिधि के पुत्र और समर्थकों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराने की बात कही है।
