
जमशेदपुर:जमशेदपुर कॉ-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज के शैक्षणिक सत्र 2024–27 के नवागंतुक छात्रों के लिए मंगलवार को एक गरिमामय ‘इंडक्शन मीटिंग सह परिचयात्मक कक्षा’ का आयोजन किया गया। कॉलेज परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य नए छात्रों को विधिक शिक्षा की बारीकियों, अनुशासन और कॉलेज की समृद्ध अकादमिक परंपराओं से अवगत कराना था।
विधि शिक्षा केवल डिग्री नहीं, समाज की सुरक्षा का कवच: राजेश शुक्ला
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कोल्हान विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य एवं झारखंड राज्य बार काउंसिल के उपाध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश शुक्ला ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। छात्रों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कानून का छात्र समाज में न्याय का प्रहरी होता है। उस पर संविधान की गरिमा बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी होती है।आज विधि शिक्षा केवल कोर्ट-कचहरी तक सीमित नहीं है। कॉरपोरेट लॉ, मानवाधिकार, नीति निर्धारण और लीगल रिसर्च जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए करियर के असीमित अवसर हैं। उन्होंने छात्रों को सफलता के लिए ‘अनुशासन और नैतिकता’ को आत्मसात करने का परामर्श दिया।
मूल्यनिष्ठ व्यक्तित्व का निर्माण है लक्ष्य
कॉ-ऑपरेटिव कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमर सिंह ने छात्रों का स्वागत करते हुए कहा कि हमारा संस्थान केवल वकील नहीं, बल्कि जिम्मेदार और मूल्यनिष्ठ नागरिकों का निर्माण करने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, लॉ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जितेन्द्र कुमार ने कॉलेज की शैक्षणिक संस्कृति, उपलब्ध संसाधनों और नियमित अध्ययन की महत्ता पर प्रकाश डाला।
विशेषज्ञों ने दी नई दिशा
समारोह में विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों ने कानून के अंतःविषयमहत्व को समझाया।डॉ. अशोक कुमार रवानी (विभागाध्यक्ष, कॉमर्स) ने बैंकिंग और कॉरपोरेट लॉ की वर्तमान समय में बढ़ती मांग पर जोर दिया।डॉ. नीता सिन्हा (विभागाध्यक्ष, केमिस्ट्री) ने कानून के छात्रों के लिए फॉरेंसिक साइंस और पर्यावरण कानूनों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण की आवश्यकता को रेखांकित किया।
वरिष्ठ छात्रों ने बढ़ाया अपनत्व का हाथ
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ शिक्षक संजीव कुमार बीरउली ने गरिमापूर्ण ढंग से किया। समापन पर प्रो. आनंद कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। औपचारिक सत्र के बाद, थर्ड सेमेस्टर के वरिष्ठ छात्रों (सूनियर्स) द्वारा नए छात्रों (जूनियर्स) के लिए एक सौहार्दपूर्ण अल्पाहार का आयोजन किया गया। इस मिलन समारोह ने जूनियर और सीनियर छात्रों के बीच संवाद की एक स्वस्थ और सकारात्मक नींव रखी।
