
जमशेदपुर: अपनी बेबाक बयानबाजी और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के लिए मशहूर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने झारखंड सरकार के खिलाफ एक नया मोर्चा खोल दिया है। सरयू राय ने राज्य सरकार पर खजाने से 10,000 करोड़ रुपये की हेराफेरी का गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और वर्तमान वित्त मंत्री से जवाब मांगा है।
पूर्व वित्त मंत्री के ऑडिट में हुआ खुलासा?
विधायक सरयू राय ने दावा किया कि यह मामला तब सामने आया जब पूर्व वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने विभागीय ऑडिट कराया था।सरयू राय के अनुसार, पूर्व वित्त मंत्री ने इस भारी विसंगति को देखते हुए विभागीय सचिवों की बैठक बुलाई थी, लेकिन कोई भी सचिव इस वित्तीय अंतर का संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।विधायक ने सवाल उठाया कि आखिर सरकारी खजाने से इतनी बड़ी राशि (10,000 करोड़) कहां गायब हो गई, इसका पता प्रशासन को भी नहीं चल रहा है।
बैठक से नदारद रहे सचिव, बढ़ी आशंका
सरयू राय ने वर्तमान वित्त मंत्री की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा वर्तमान वित्त मंत्री ने भी इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सचिवों के साथ बैठक बुलाई थी, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि सचिव इस बैठक में शामिल ही नहीं हुए। यह दर्शाता है कि दाल में कुछ काला है और अधिकारी जवाबदेही से बच रहे हैं।”
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जांच की मांग
सरयू राय ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और वित्त मंत्रालय से इस अरबों रुपये की हेराफेरी की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा इस तरह ‘लापता’ होना एक बड़े वित्तीय घोटाले की ओर इशारा करता है, जिसकी गहराई से जांच होनी अनिवार्य है।
