
जमशेदपुर: मानगो नगर निगम चुनाव ने जमशेदपुर की राजनीति में उबाल ला दिया है। भले ही यह चुनाव दलीय आधार पर नहीं लड़ा जा रहा है, लेकिन पर्दे के पीछे की जंग ने इसे बन्ना गुप्ता बनाम सरयू राय का प्रतिष्ठा का प्रश्न बना दिया है। एक तरफ पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता मैदान में हैं, तो दूसरी तरफ एनडीए समर्थित प्रत्याशी के रूप में संध्या सिंह अपनी चुनौती पेश कर रही हैं।इस चुनावी समर के बीच विधायक सरयू राय और पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता के बीच शुरू हुआ आरोप-प्रत्यारोप का दौर पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
बन्ना गुप्ता का हमला: विधायक पर लगाए गंभीर आरोप

पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने विधायक सरयू राय पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विधायक क्षेत्र के विकास कार्यों में अड़ंगा लगा रहे हैं और जनता को गुमराह कर रहे हैं।बन्ना गुप्ता ने आरोप लगाया कि सरयू राय केवल व्यक्तिगत द्वेष की राजनीति करते हैं, जबकि उन्होंने (बन्ना) मानगो के विकास के लिए धरातल पर काम किया है।उन्होंने विधायक पर तंज कसते हुए कहा कि वे पर्दे के पीछे से चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
सरयू राय का पलटवार: “भ्रष्टाचार और जवाबदेही पर दें जवाब”

बन्ना गुप्ता के आरोपों का करारा जवाब देते हुए विधायक सरयू राय ने भी पलटवार करने में देरी नहीं की। सरयू राय ने कहा किउन्होंने पूर्व मंत्री के कार्यकाल के दौरान हुए कार्यों की गुणवत्ता और कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए।विधायक ने स्पष्ट किया कि मानगो की जनता अब जागरूक हो चुकी है और वह केवल खोखले वादों पर नहीं, बल्कि ईमानदारी और जवाबदेही के आधार पर वोट करेगी।उन्होंने बन्ना गुप्ता के आरोपों को आधारहीन बताते हुए कहा कि सच्चाई जनता के सामने है और चुनाव परिणाम इसका गवाह बनेंगे।
सुधा गुप्ता बनाम संध्या सिंह: प्रतिष्ठा की लड़ाई

मानगो नगर निगम का यह चुनाव अब केवल पार्षदों या अध्यक्ष का चुनाव नहीं रह गया है, बल्कि यह जमशेदपुर पश्चिम के दो सबसे बड़े राजनीतिक दिग्गजों के वर्चस्व की लड़ाई बन गया है।सुधा गुप्ता के पक्ष में जहाँ बन्ना गुप्ता का संगठनात्मक ढांचा और मंत्री पद का अनुभव है।वहीं, संध्या सिंह के पीछे एनडीए की एकजुटता और सरयू राय की रणनीतिक पकड़ है।
शहर में चर्चा का केंद्र
दोनों नेताओं के बीच छिड़ी इस ‘बयानबाजी’ ने मानगो की फिजां को पूरी तरह चुनावी रंग में ढाल दिया है। चाय की दुकानों से लेकर सोशल मीडिया तक, लोग अब यह चर्चा कर रहे हैं कि इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले में जीत किसकी होगी।
