
जमशेदपुर : उलीडीह ओपी अंतर्गत डिमना रोड में गुरुवार को स्थानीय लोगों की सूझबूझ से दो संदिग्धों को पकड़ा गया, जो साधु के वेश में भिक्षा मांग रहे थे। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ये वही ‘बाबा’ हैं जिन्होंने बीते दिनों सुभाष कॉलोनी में एक महिला को अपनी ठगी का शिकार बनाया था। पकड़े गए दोनों आरोपियों को उलीडीह पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, मानगो की सुभाष कॉलोनी में कुछ दिन पहले साधु के वेश में आए ठगों ने एक महिला को अपनी बातों में फंसाकर उसके कीमती गहने और नकदी ठग लिए थे। घटना के बाद से ही क्षेत्र के लोग सतर्क थे। गुरुवार को जब वही दो संदिग्ध बाबा फिर से डिमना रोड इलाके में भिक्षा मांगते और रेकी करते दिखे, तो स्थानीय लोगों ने उन्हें पहचान लिया और घेराबंदी कर धर दबोचा।
सीसीटीवी फुटेज से हो रही पहचान
स्थानीय लोगों का दावा है कि आरोपियों का हुलिया और गतिविधियां पिछले दिनों हुई ठगी की घटना के सीसीटीवी फुटेज से मेल खाती हैं। लोगों ने तुरंत उलीडीह ओपी को इसकी सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को हिरासत में ले लिया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
उलीडीह पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस द्वारा ठगी की शिकार हुई महिला के घर के पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से संदिग्धों के चेहरों का मिलान किया जा रहा है।पकड़े गए बाबाओं से उनके मूल निवास और क्षेत्र में घूमने के उद्देश्य के बारे में कड़ी पूछताछ की जा रही है। ठगी की शिकार हुई महिला को भी शिनाख्त के लिए बुलाया जा सकता है।
क्षेत्र में दहशत और पुलिस की अपील
मानगो और उलीडीह क्षेत्र में साधु के वेश में घूम रहे ठगों की सक्रियता से स्थानीय लोग डरे हुए हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति या साधु-वेशधारी को घर के भीतर न बुलाएं।धार्मिक अनुष्ठान या सोने को साफ करने के नाम पर झांसा देने वालों से बचें।संदिग्ध व्यक्ति दिखने पर तुरंत नजदीकी थाना या 100/112 पर सूचना दें।
