
जमशेदपुर : गोविंदपुर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने और अनियंत्रित भारी वाहनों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए शुक्रवार को स्थानीय निवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया। इंद्रजीत सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधियों ने जिला उपायुक्त और ट्रैफिक डीएसपी से मुलाकात कर ‘नो-एंट्री’ एवं ‘नो-पार्किंग’ नियमों को कड़ाई से लागू करने की पुरजोर मांग की।
डीसी और ट्रैफिक डीएसपी से हुई सार्थक वार्ता
प्रतिनिधिमंडल ने जिला उपायुक्त महोदय को अवगत कराया कि गोविंदपुर एक घनी आबादी वाला क्षेत्र है, जहाँ कई स्कूल और बैंक स्थित हैं। भारी वाहनों के अनियंत्रित प्रवेश से स्कूली बच्चों और आम नागरिकों की जान हमेशा जोखिम में बनी रहती है।
ट्रैफिक डीएसपी का आश्वासन
ट्रैफिक डीएसपी श्री नीरज जी से हुई वार्ता में प्रतिनिधिमंडल ने सड़कों पर रेडियम लाइट, स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा संबंधी होर्डिंग लगाने की मांग रखी। डीएसपी ने आश्वस्त किया कि नो-एंट्री का उल्लंघन करने वाले ड्राइवरों पर अब भारी जुर्माना और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
19 अक्टूबर की घटना से आक्रोश
प्रतिनिधियों ने प्रशासन को याद दिलाया कि जिस सड़क को विकास का माध्यम बनना था, वह आज गोविंदपुर वासियों के लिए काल बन गई है। विशेष रूप से 19 अक्टूबर को हुई भीषण दुर्घटना, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ था, ने स्थानीय जन-मानस को झकझोर कर रख दिया है।
प्रमुख मांगें: जिन पर प्रशासन ने दी सहमति
शहर के प्रवेश द्वारों और मुख्य चौराहों पर बड़े और स्पष्ट ‘नो-एंट्री’ साइन बोर्ड लगाए जाएं। पीपला-गोविंदपुर मार्ग पर मालवाहक गाड़ियों के परिचालन का समय कड़ाई से तय हो। सड़कों के किनारे अवैध रूप से खड़े होने वाले ट्रकों को हटाया जाए। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में स्पीड ब्रेकर, रेडियम संकेतक और पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था हो।
धरातल पर दिखेंगे परिणाम
जिला उपायुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अनियंत्रित एवं असमय वाहनों के परिचालन पर तत्काल रोक लगाई जाए। प्रतिनिधियों ने अधिकारियों के इस सकारात्मक रुख की सराहना की है।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
इस अवसर पर मुख्य रूप से आशुतोष सिंह, मुकेश ठाकुर, मृत्युंजय सिंह, जितेंद्र सिंह, विपिन, सुधीर सिंह और जितेंद्र कुमार उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में मांग की कि गोविंदपुर को जाम और हादसों से जल्द निजात दिलाई जाए।
