
जमशेदपुर/दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के सांसदों, विशेषकर महिला सांसदों के आचरण को लेकर सियासी गलियारों में उबाल है। प्रधानमंत्री पर हमले के कथित प्रयास और सदन की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाली घटना पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। नेताओं ने विपक्ष के व्यवहार को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया है।
“राहुल गांधी के इशारे पर हुआ हमला”: संजय सेठ
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने लोकसभा अध्यक्ष के बयान का हवाला देते हुए राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार बड़े पोस्टर लेकर महिला सांसद प्रधानमंत्री की ओर बढ़ने का प्रयास कर रही थीं, वह विचलित करने वाला है।
संजय सेठ ने कहा कि “राहुल गांधी के इशारे पर महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री पर हमले का प्रयास किया, जिसके कारण स्पीकर को हस्तक्षेप करना पड़ा।”सेठ ने कहा कि राहुल गांधी को देश का विकास और प्रधानमंत्री का सेवा भाव पसंद नहीं है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी सत्र के बीच में ही विदेश चले जाते हैं और उन्हें संसद की ‘लोक-लाज’ की चिंता नहीं है। संसद नियमों और मर्यादा से चलती है, न कि ऐसे आचरण से।
राज्यपाल संतोष गंगवार ने दिया ‘स्वस्थ लोकतंत्र’ का संदेश
झारखंड के राज्यपाल और 35 वर्षों तक सांसद रहे अनुभवी नेता संतोष गंगवार ने भी इस घटना पर गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने राजनीतिक दलों को आत्ममंथन करने की सलाह दी।
राज्यपाल ने क्या कहा ?
“मैं 1989 से सांसदों का आचरण देख रहा हूँ। लोकतांत्रिक व्यवस्था में कैसे रहा जाए, यह राजनीतिक दलों को सोचना चाहिए। मेरा मानना है कि एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए आचरण की शुद्धता अनिवार्य है। दलों को चलाने वालों को इस पर मंथन करना चाहिए।”
क्या था मामला?
सदन में हंगामे के दौरान विपक्षी सांसदों द्वारा बड़े पोस्टर और तख्तियां लेकर प्रधानमंत्री के करीब जाने का प्रयास किया गया था। इस स्थिति को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने भी सदन के भीतर चिंता व्यक्त की थी और प्रधानमंत्री को सुरक्षा कारणों से रुकने का संकेत दिया था। स्पीकर ने स्पष्ट किया कि सदन चर्चा के लिए है, न कि शारीरिक अवरोध पैदा करने के लिए।
