
जमशेदपुर: जमशेदपुर के धतकीडीह स्थित हरिजन बस्ती के पास रविवार को उस समय दहशत फैल गई, जब दो आवारा सांड आपस में बुरी तरह भिड़ गए। सांडों के बीच यह लड़ाई इतनी उग्र थी कि उसने हिंसक रूप ले लिया, जिससे न केवल पशु गंभीर रूप से घायल हुआ बल्कि सड़क किनारे दुकान लगाने वाले गरीब दुकानदारों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा।
सींग घुसने से लहूलुहान हुआ सांड
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों सांडों के बीच संघर्ष काफी देर तक चला। इस दौरान एक सांड ने दूसरे पर इतना जोरदार हमला किया कि उसका सींग दूसरे सांड के पेट में जा घुसा। गंभीर रूप से घायल सांड वहीं सड़क पर गिर पड़ा और तड़पने लगा। सांडों की इस लड़ाई को देख राहगीरों और स्थानीय लोगों में भगदड़ मच गई, लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
दुकानदारों को आर्थिक चपत, ठेले पलटे
लड़ाई के दौरान सांडों ने सड़क किनारे लगे ठेलों और छोटी दुकानों को भी चपेट में ले लिया। संघर्ष के दौरान कई ठेले पलट गए और दुकानों में रखा सामान सड़क पर बिखर कर बर्बाद हो गया। दुकानदारों ने बताया कि अचानक हुए इस हमले से उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला और काफी आर्थिक क्षति हुई है।
आवारा पशुओं की समस्या पर फूटा आक्रोश
इस घटना के बाद धतकीडीह के स्थानीय निवासियों में नगर प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि शहर की मुख्य सड़कों और बस्तियों में आवारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।सांडों की लड़ाई के कारण पहले भी कई लोग घायल हो चुके हैं।स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द आवारा पशुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थानों या गौशालाओं में भेजे।
प्रशासन से पशु चिकित्सक की मांग
फिलहाल घायल सांड की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम और जिला प्रशासन से तत्काल पशु चिकित्सक उपलब्ध कराने की अपील की है ताकि घायल पशु का समय पर इलाज हो सके।
