
जमशेदपुर: लौहनगरी में रंगदारी और दहशत का पर्याय बने कुख्यात मनीष सिंह गिरोह के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जुगसलाई थाना क्षेत्र के खरकई रेलवे ब्रिज के पास से पुलिस ने गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। ये अपराधी शहर के व्यवसायियों को डरा-धमकाकर रंगदारी वसूलने और गिरोह के सरगना तक रकम पहुँचाने की फिराक में थे।
गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल
वरीय पुलिस अधीक्षक को 20 फरवरी 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि मनीष सिंह गिरोह के कुछ सदस्य अवैध हथियार के साथ जुगसलाई इलाके में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर तौकीर आलम के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।
रेलवे ब्रिज के पास घेराबंदी कर दबोचे गए आरोपी
पुलिस टीम ने गरीब नवाज कॉलोनी के समीप खरकई रेलवे ब्रिज के पास घेराबंदी की और दो संदिग्ध युवकों को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास से घातक हथियार बरामद हुए जिसमे रौशन सिंह (28 वर्ष) के पास से एक देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और एक मोबाइल और दीपक सिंह (30 वर्ष) के पास से दो जिंदा कारतूस और एक मोबाइल बरामद किया गया।
व्यापारियों में दहशत फैलाना था मकसद
डीएसपी तौकीर आलम ने बताया कि यह गिरोह जमशेदपुर के व्यापारियों को धमकी देकर रंगदारी वसूलता है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी वसूली गई रकम को गिरोह के सरगना मनीष सिंह तक पहुँचाने का काम करते थे। इनकी गिरफ्तारी से शहर के व्यवसायियों ने राहत की सांस ली है।
अपराध का लंबा इतिहास
पकड़े गए दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। दीपक सिंह के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसे 3 गंभीर मामले जुगसलाई और सोनारी थाने में दर्ज हैं।रौशन सिंह के खिलाफ पूर्व में रंगदारी मांगने (धारा 387/34 भादवि) का मामला दर्ज है।पुलिस ने दोनों के खिलाफ जुगसलाई थाना कांड संख्या 12/26 के तहत बीएनएस और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी अभी भी जारी है।
