
जमशेदपुर: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की कदमा शाखा द्वारा आयोजित सात दिवसीय ‘द्वादश ज्योतिर्लिंग आध्यात्मिक दर्शन महोत्सव’ का समापन शनिवार को श्रद्धा और भव्यता के साथ हुआ। सप्ताह भर चले इस महोत्सव ने शहरवासियों को शिव भक्ति और आध्यात्मिक शांति का अनूठा अनुभव प्रदान किया।
सांस्कृतिक संध्या और आध्यात्मिक प्रस्तुतियां
समापन दिवस के अवसर पर ब्रह्माकुमारी परिवार से जुड़े भाई-बहनों द्वारा एक विशेष सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण महाशिवरात्रि के गूढ़ आध्यात्मिक रहस्यों पर आधारित प्रस्तुतियां रहीं। कलाकारों ने सुमधुर भजनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।भगवान शिव की महिमा और उनके कल्याणकारी स्वरूप पर आधारित कविताओं ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। संध्या के समय आयोजित महाआरती के साथ पूरा वातावरण ‘ओम नमः शिवाय’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।
अतिथियों का सम्मान और ईश्वरीय संदेश
कार्यक्रम में शहर के कई विशिष्ट अतिथियों ने शिरकत की। महाआरती के उपरांत सभी अतिथियों को ईश्वरीय सौगात (प्रसाद एवं साहित्य) और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में अतिथियों ने ब्रह्माकुमारी संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक चेतना आती है और युवा पीढ़ी को नैतिक संस्कारों की प्रेरणा मिलती है।
आध्यात्मिक सशक्तिकरण पर जोर
संस्था की ओर से बताया गया कि इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य लोगों को परमात्मा शिव के सत्य परिचय से अवगत कराना और जीवन में राजयोग के माध्यम से शांति लाना है। आध्यात्मिक शिक्षा और नैतिक मूल्यों के संवर्धन के लिए संस्था निरंतर कार्य कर रही है।
