
जमशेदपुर: विश्वविख्यात प्रबंधन संस्थान एक्सएलआरआई (XLRI) में सामाजिक प्रभाव समिति ‘सिग्मा-ऑइकोस’ द्वारा आयोजित 9वें सामाजिक उद्यमिता महासम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। शनिवार, 21 फरवरी 2026 को शुरू हुए इस दो दिवसीय सम्मेलन का मुख्य केंद्र ‘विकसित भारत में श्रम की आकांक्षाएं’ रहा। कार्यक्रम में देश भर के नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों और उद्योग जगत के दिग्गजों ने हिस्सा लिया।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत डीन प्रो. संजय पात्रो, फादर मुक्ति क्लेरेंस और अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इस सम्मेलन में एक्सएलआरआई सहित विभिन्न संस्थानों के करीब 250 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया, जो समावेशी विकास और सामाजिक उद्यमिता के प्रति युवाओं की बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
असंगठित क्षेत्र और कृषि पर गंभीर मंथन
सम्मेलन के दौरान दो प्रमुख पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं
कौशल विकास और श्रमिक सम्मान: प्रथम सत्र में पूर्व कौशल विकास सचिव अतुल कुमार तिवारी ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सम्मानजनक जीवन और कौशल प्रदान करने पर जोर दिया। रेलवे और उद्योग प्रतिनिधियों ने संविदा श्रमिकों के कल्याण और उनके औपचारिकरण की चुनौतियों पर विचार रखे।
कृषि उद्यमिता की नई राहें: दूसरे सत्र की अध्यक्षता प्रो. राहुल के. शुक्ला ने की। मुख्य वक्ता पूर्व मंडल आयुक्त जटा शंकर चौधरी ने कृषि संरचना में बदलाव और ‘एग्री-उद्यमिता’ की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला। इस सत्र में नाबार्ड और स्टार्टअप विशेषज्ञों ने ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने के उपाय बताए।
XL-JC अवॉर्ड्स: सामाजिक नायकों का सम्मान
महासम्मेलन का सबसे बड़ा आकर्षण ‘XL-JC’ (इमर्जिंग सोशल एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर) अवॉर्ड्स की तीसरी कड़ी रही। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में नवाचार करने वाले देश के चार सामाजिक उद्यमियों को 1-1 लाख रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।सम्मानित उद्यमी में निशांत कुमार: किंगफिशरीज फार्म्स,जयंती प्रधान: गोपाल बायोटेक एग्रो फार्म,बिस्वजीत बोर्दोलोई: आसाम ग्रीन टेक और प्रीति सिंह: वसुंधरा बायोफ़ाइबर्स।
विकसित भारत का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में प्रो. सौरव स्नेहव्रत ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने दोहराया कि ग्रामीण आजीविका का सुदृढ़ीकरण और कौशल विकास ही ‘विकसित भारत’ के संकल्प को सिद्ध करने का आधार बनेंगे।
