
जमशेदपुर: बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के पॉश इलाके सीएच एरिया से युवा उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। शनिवार को मामले का खुलासा करते हुए सीनियर एसपी पीयूष पांडे ने बताया कि पुलिस ने गिरोह से जुड़े 5 और अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस की वर्दी में आए थे किडनैपर्स
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अपराधियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए पुलिस की वर्दी का सहारा लिया था। साजिशकर्ता घटना से 6 माह पहले ही जमशेदपुर आ गए थे और कैरव गांधी की गतिविधियों की रेकी कर रहे थे।आरोपियों ने 13 जनवरी 2026 को कैरव का अपहरण किया और उन्हें स्कॉर्पियो से चांडिल, रांची और डोभी होते हुए बिहार के गया जिले के एक सुदूर गांव में ले जाकर छिपा दिया था।
5 राज्यों में चली पुलिस की ‘स्पेशल ड्राइव’
एसएसपी पीयूष पांडे ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एक विशेष टीम बनाई गई थी। पुलिस ने झारखंड, बिहार, पंजाब, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में सघन छापेमारी की। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त 5 मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। बता दें कि 13 दिन की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने कैरव को सकुशल बरामद कर 30 जनवरी को परिजनों को सौंप दिया था।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची
पुलिस ने इस कांड में शामिल गुड्डू सिंह,उपेंद्र सिंह,अर्जुन सिंह उर्फ आर्यन,मो. इमरान आलम उर्फ आमिर,रमीज राजा,मोहन कुमार प्रसाद,मनप्रीत सिंह सेखों,अमरिंदर सिंह उर्फ करतार सिंह,गुरदीत शेर सिंह,संतोष कुमार उर्फ संतोष विल्लेन और राजकरण यादव को सलाखों के पीछे भेजा है।
अपराधिक इतिहास और आगे की कार्रवाई
एसएसपी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से कई का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वे एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य हैं। पुलिस फिलहाल इस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है। शहर के व्यवसायियों ने पुलिस की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई की सराहना की है।
