चाईबासा : हाथियों ने स्कूल का दरवाजा तोड़ चट कर गए राशन, बच्चों को नहीं मिला भोजन

चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम): सारंडा जंगल क्षेत्र के ग्रामीण इन दिनों खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं। ताजा मामला उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय हेन्देदिरी का है, जहाँ मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात दो जंगली हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने स्कूल के रसोईघर को निशाना बनाकर बच्चों के निवाले पर डाका डाला है।

स्कूल में तांडव: मिड-डे मील का राशन चट

28-29 अप्रैल की रात हाथियों के झुंड से अलग होकर आए दो हाथियों ने हेन्देदिरी स्कूल परिसर में प्रवेश किया। हाथियों ने रसोईघर का दरवाजा तोड़ दिया और अंदर रखा चावल, राशन और सब्जियां खा गए। जितना राशन हाथियों ने खाया, उससे कहीं ज्यादा पैरों तले रौंदकर बर्बाद कर दिया। स्कूल के कई बर्तन और अन्य सामान भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।राशन खत्म होने के कारण बुधवार को स्कूल में मध्याह्न भोजन नहीं बन सका, जिससे बच्चों को भूखे पेट रहना पड़ा।

ग्रामीणों में दहशत: “नक्सली और हाथी, दोनों से जान का खतरा”

ग्रामीणों का कहना है कि वे पहले से ही नक्सली गतिविधियों और मुठभेड़ के कारण डरे रहते हैं, अब हाथियों के गांव के करीब होने से स्थिति और गंभीर हो गई है। अभिभावकों को चिंता है कि अगर हाथी दिन के समय स्कूल के आसपास आ गए, तो बच्चों की सुरक्षा का क्या होगा। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि हाथियों को तत्काल घने जंगल की ओर खदेड़ा जाए और स्कूल में हुए नुकसान का मुआवजा देकर जल्द राशन की व्यवस्था की जाए।

कोल्हान के 200 गांवों में ‘हाथी-दहशत’

हाथियों की यह समस्या केवल पश्चिमी सिंहभूम तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे कोल्हान प्रमंडल (पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां) में फैली हुई है। 23 अप्रैल की रात सरायकेला-खरसावां के चांडिल रेंज में हाथियों ने एक महिला और उसकी 13 साल की बेटी को कुचलकर मार डाला था। कोल्हान के करीब 200 से अधिक गांव ऐसे हैं, जहाँ ग्रामीण रात भर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। हाथियों के कारण खेत, खलिहान और घर सुरक्षित नहीं बचे हैं।

More From Author

जमशेदपुर: नाला अतिक्रमण का विरोध करने पर बीजेपी महिला नेत्री पर धमकी और दबंगई के आरोप, बस्ती में दहशत

परसुडीह में सफाई संकट: 2 लाख की आबादी कचरे के ढेर के बीच रहने को मजबूर; जिप सदस्य ने जेएनएसी से सफाई कराने की मांग की