परसुडीह में सफाई संकट: 2 लाख की आबादी कचरे के ढेर के बीच रहने को मजबूर; जिप सदस्य ने जेएनएसी से सफाई कराने की मांग की

जमशेदपुर : परसुडीह और आसपास के ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में चरमराई सफाई व्यवस्था को लेकर जिला परिषद सदस्य पूर्णिमा मलिक ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को उन्होंने उप विकास आयुक्त -सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद (पूर्वी सिंहभूम) को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

2 लाख की आबादी पर बीमारी का खतरा

ज्ञापन के माध्यम से पूर्णिमा मलिक ने प्रशासन का ध्यान परसुडीह क्षेत्र की भयावह स्थिति की ओर आकृष्ट कराया। हलुदबनी, प्रमोथनगर, हरहरगुटु और करनडीह जैसे इलाके वर्तमान में गंदगी की चपेट में हैं।इन क्षेत्रों में लगभग 2 लाख लोग निवास करते हैं, जहाँ कचरा निष्पादन की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है।जगह-जगह लगे कचरे के अंबार से संक्रामक बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है, विशेषकर गर्मी और आगामी मानसूनी मौसम को देखते हुए।

बागबेड़ा मॉडल की मांग

पूर्णिमा मलिक ने सुझाव दिया है कि जिस प्रकार (जमशेदपुर अक्षेस) बागबेड़ा क्षेत्र में नियमित सफाई अभियान चलाता है, उसी तर्ज पर परसुडीह और करनडीह के घनी आबादी वाले इलाकों को भी इसके दायरे में लाया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु जल्द से जल्द विभागीय आदेश जारी किए जाएं।

समाजसेवी की चेतावनी: “समय रहते उठाएं कदम”

इस मुहिम का समर्थन करते हुए समाजसेवी मानिक मल्लिक ने कहा “परसुडीह और आसपास के इलाकों में सफाई की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। अगर प्रशासन ने अविलंब पहल करते हुए जेएनएसी के माध्यम से नियमित कचरा उठाव शुरू नहीं कराया, तो आने वाले दिनों में स्थिति बेकाबू हो सकती है। स्वच्छ वातावरण लोगों का अधिकार है।”

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