रांची। ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात कर समाज से जुड़ी 9 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में ब्राह्मण समाज की स्थिति को मजबूत करने और विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं धार्मिक मुद्दों के समाधान के लिए सरकार से सहयोग की मांग की।
ब्राह्मण महासभा और अंतर्राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ ने रखा पक्ष
ब्राह्मण समाज का प्रतिनिधित्व कर रहे ब्राह्मण महासभा के संयोजक मनोज पाण्डेय एवं अंतर्राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सुनिल कुमार पाण्डेय ने बताया कि राज्य में ब्राह्मण समाज के आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए विशेष पहल की आवश्यकता है।
राज्यपाल को सौंपा गया 9 सूत्री मांग पत्र
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं—
झारखंड में ब्राह्मण आयोग का गठन किया जाए।
धार्मिक न्यास परिषद में साधु-संतों एवं संन्यासियों की नियुक्ति हो।
सभी मठ-मंदिरों में कार्यरत पुजारियों को न्यूनतम 25 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाए।
बीपीएल श्रेणी के ब्राह्मण परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति एवं अनुदान राशि उपलब्ध कराई जाए।
सर्वे आधारित बीपीएल ब्राह्मण परिवारों को शिक्षा और विवाह के लिए 10 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाए।
भगवान परशुराम के प्राकट्य दिवस अक्षय तृतीया को सरकारी अवकाश घोषित किया जाए।
राज्य की राजधानी में भगवान परशुराम मंदिर, धर्मशाला एवं गौशाला निर्माण के लिए 11 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाए।
गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पद पर ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधि की नियुक्ति की जाए।
संस्कृत विषय को पूर्व की भांति पहली से दसवीं कक्षा तक अनिवार्य विषय के रूप में लागू किया जाए।
मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजने का मिला आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार राज्यपाल ने मांगों को गंभीरता से सुना और संबंधित विषयों पर विचार के लिए ज्ञापन को मुख्यमंत्री के पास भेजने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि सरकार समाज के हित में इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी।
कई सामाजिक कार्यकर्ता भी रहे मौजूद
राज्यपाल से मुलाकात के दौरान अंतर्राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ के प्रदेश प्रभारी देवचरण पांडे, विपिन पाण्डेय, रौशन पाण्डेय समेत कई समाजसेवी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
