जमशेदपुर:टाटा स्टील डाउनस्ट्रीम प्रोडक्ट्स लिमिटेड में बहुप्रतीक्षित ग्रेड रिवीजन समझौते से पहले यूनियन और ‘N सीरीज’ (न्यू सीरीज/NS ग्रेड) के कर्मचारियों के बीच दरार गहरी होती जा रही है। एनएस ग्रेड को इस बार के ग्रेड रिवीजन में शामिल नहीं किए जाने की खबरों से कंपनी के तीनों प्लांटों के कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।इसी मुद्दे पर शनिवार को डिमाग प्लांट में बुलाई गई एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान उस वक्त स्थिति बेहद अनियंत्रित और गर्म हो गई, जब ग्रेड कमेटी के एक शीर्ष पदाधिकारी ने कर्मचारियों को कथित तौर पर धमकी दे डाली। इसके बाद अन्य वरीय नेताओं को बीच-बचाव कर स्थिति संभालनी पड़ी।
बारा के बाद डिमाग प्लांट में बुलाई गई थी आपात बैठक
ग्रेड रिवीजन से बाहर किए जाने की सुगबुगाहट के बाद से ही तीनों प्लांटों के एनएस सीरीज के कर्मी आंदोलित हैं। इससे पहले बुधवार को बारा प्लांट में न्यू सीरीज के कर्मचारियों ने एकजुट होकर यूनियन के महामंत्री और ग्रेड कमेटी के समक्ष अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से रखा था। इसी कड़ी में शनिवार (27 जून) को डिमाग प्लांट के एनएस ग्रेड कर्मचारियों के विशेष अनुरोध पर ग्रेड कमेटी के चारों प्रमुख सदस्यों को प्लांट परिसर में आमंत्रित किया गया था। बैठक में यूनियन केमहामंत्री त्रिदेव सिंह, अमन सिंह, उपेंद्र राय और डिप्टी प्रेसिडेंट सचिदानंद पहुंचे थे। शुरुआत के आधे घंटे तक तीनों कमेटी सदस्यों और डिमाग प्लांट के स्थानीय कमेटी मेंबर राजेश की मौजूदगी में कर्मचारियों की बातचीत बेहद शालीन और लोकतांत्रिक माहौल में चल रही थी।
डिप्टी प्रेसिडेंट पर नशे में धुत होने और धमकी देने का आरोप, माहौल गरमाया
चर्चा के बीच में ही माहौल अचानक उस वक्त पूरी तरह बिगड़ गया, जब ग्रेड कमेटी के चौथे सदस्य और यूनियन के डिप्टी प्रेसिडेंट सचिदानंद प्लांट परिसर में दाखिल हुए।उपस्थित कर्मचारियों का आरोप है कि डिप्टी प्रेसिडेंट सचिदानंद कथित तौर पर नशे की हालत में वहां पहुंचे थे और आते ही उन्होंने न्यू सीरीज के कर्मचारियों के प्रति बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया। सचिदानंद ने कर्मचारियों को डराते हुए कहा कि “तुम लोग प्लांट के बाहर मिलो।”उन्होंने सीधे तौर पर एलान कर दिया कि न्यू सीरीज का कोई भी कर्मी इस ग्रेड में शामिल नहीं है और यूनियन के अध्यक्ष राकेश्वर पाण्डे जी ने तुम लोगों को इस बार ग्रेड में शामिल नहीं किया है।”जो करना है कर लो, कोर्ट जाओ”: जब इस तानाशाहीपूर्ण बयान पर एन सीरीज के जागरूक कर्मियों ने कड़ी आपत्ति जताई और विरोध दर्ज किया, तो माहौल और उग्र हो गया। इस पर डिप्टी प्रेसिडेंट ने चुनौती देते हुए कहा कि “तुम लोग चाहो तो कोर्ट में केस कर लो, जो करना है कर लो, तुम लोगों का कुछ नहीं होने वाला।”
महामंत्री त्रिदेव सिंह और टीम ने बीच-बचाव कर संभाला मोर्चा
डिप्टी प्रेसिडेंट के इस बर्ताव के बाद कॉन्फ्रेंस रूम के बाहर और भीतर कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा और दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई। मामले को हाथ से निकलता देख यूनियन के महामंत्री त्रिदेव सिंह, अमन सिंह और उपेंद्र राय ने तुरंत सक्रियता दिखाई।इन तीनों वरीय पदाधिकारियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए आक्रोशित कर्मचारियों को शांत कराया और हंगामा कर रहे डिप्टी प्रेसिडेंट सचिदानंद को बीच-बचाव कर वहां से बाहर निकाला। इसके बाद नेतृत्वकर्ता उन्हें अलग से कॉन्फ्रेंस रूम में लेकर गए, तब जाकर डिमाग प्लांट के प्रशासनिक ब्लॉक में मामला शांत हो सका।
कर्मचारियों ने अध्यक्ष राकेश्वर पाण्डे से हस्तक्षेप की मांग की
इस अशोभनीय घटनाक्रम के बाद टीएसडीपीएल के एन सीरीज के कर्मचारियों में यूनियन के एक धड़े के खिलाफ भारी असंतोष व्याप्त है। कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से कंपनी में पूरी निष्ठा के साथ उत्पादन में योगदान दे रहे हैं, ऐसे में ग्रेड रिवीजन जैसी महत्वपूर्ण नीति से उन्हें वंचित करना और हक मांगने पर प्रबंधन व यूनियन के पदाधिकारियों द्वारा ऐसी धमकियां मिलना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।मजदूरों ने पूरे मामले की जानकारी सीधे यूनियन अध्यक्ष राकेश्वर पाण्डे तक पहुंचाने की बात कही है और मांग की है कि ऐसे गैर-जिम्मेदार पदाधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए तथा एन सीरीज के भविष्य को सुरक्षित करते हुए उन्हें ग्रेड में सम्मानजनक स्थान दिया जाए।
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