
जमशेदपुर:प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए पसंदीदा गंतव्य दलमा वन्यजीव अभयारण्य अब और भी खास हो गया है। रविवार को दलमा की तराई में नवनिर्मित तितली गार्डन और स्थानीय कला-संस्कृति को बढ़ावा देने वाले दलमा बुरु हाट का भव्य उद्घाटन किया गया।इन दोनों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का लोकार्पण वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी ने किया।
तितली गार्डन: जैव विविधता का नया केंद्र
उद्घाटन के दौरान सचिव अबू बकर सिद्दीकी और अन्य अधिकारियों ने प्रतीकात्मक रूप से विभिन्न प्रजातियों की तितलियों को गार्डन में छोड़ा। इस गार्डन का निर्माण न केवल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किया गया है, बल्कि यह तितलियों के संरक्षण, उनके प्रजनन और पारिस्थितिकी तंत्र में उनकी भूमिका के अध्ययन के लिए एक शोध केंद्र के रूप में भी कार्य करेगा। रंग-बिरंगी तितलियों की दर्जनों प्रजातियां अब यहां आने वाले विद्यार्थियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण और ज्ञान का केंद्र बनेंगी।
दलमा बुरु हाट: स्थानीय रोजगार को मिलेगी संजीवनी
तितली गार्डन के साथ ही ‘दलमा बुरु हाट’ की भी औपचारिक शुरुआत की गई। इस हाट के जरिए दलमा क्षेत्र के ग्रामीण और आदिवासी समुदायों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद और वनोपज को एक बाजार मिलेगा। अधिकारियों ने हाट में सजी दुकानों का भ्रमण किया और वहां उपलब्ध उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना की। इससे पर्यटकों को सीधे ग्रामीणों से जुड़ने और शुद्ध उत्पाद खरीदने का मौका मिलेगा।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
इस गौरवपूर्ण अवसर पर मुख्य वन संरक्षक वाइल्डलाइफ एस.आर. नटेश, दलमा के डीएफओ सबा आलम अंसारी सहित वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। डीएफओ सबा आलम अंसारी ने बताया कि उद्घाटन के साथ ही तितली गार्डन को आम पर्यटकों के लिए आधिकारिक रूप से खोल दिया गया है।
पर्यटन और शिक्षा का संगम
सचिव अबू बकर सिद्दीकी ने कहा कि दलमा में लगातार नई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि पर्यटकों को प्रकृति के और करीब लाया जा सके। तितली गार्डन न केवल मनोरंजन प्रदान करेगा, बल्कि स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों के लिए एक ‘ओपन क्लासरूम’ की तरह काम करेगा, जहां वे कीट विज्ञान के बारे में विस्तार से जान सकेंगे।
