
जमशेदपुर : झारखंड में नगर निकाय चुनाव कराने की मांग अब जोर पकड़ती जा रही है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत बुधवार को जमशेदपुर के जुगसलाई नगर पालिका कार्यालय पर भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल के नाम तीन सूत्री मांग पत्र सौंपा।
संवैधानिक जिम्मेदारी से भाग रही सरकार: सुधांशु ओझा
धरने का नेतृत्व कर रहे भाजपा जिला अध्यक्ष सुधांशु ओझा ने हेमंत सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनाव समय पर कराना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है, लेकिन राज्य सरकार जानबूझकर इसे टाल रही है।सरकार को जनता के जनादेश का डर है। बिना निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के नगर निकायों का विकास पूरी तरह ठप हो गया है। अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं और आम जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है।प्रदर्शन के दौरान भाजपा ने मुख्य रूप से तीन मांगों को दोहराया। निकाय चुनावों की तिथि तुरंत घोषित की जाए,चुनाव दलीय आधार (पार्टी सिंबल) पर ही कराए जाएं ताकि राजनीतिक पारदर्शिता बनी रहे और मतदान और मतगणना के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का इस्तेमाल हो, जिससे प्रक्रिया तेज और निष्पक्ष हो सके।
विकास योजनाएं ठप होने का आरोप
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों के न होने से जुगसलाई समेत पूरे जिले में विकास योजनाएं फाइलों में दबी पड़ी हैं। सफाई, स्ट्रीट लाइट और जलापूर्ति जैसी मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। भाजपा का मानना है कि प्रशासकों के भरोसे निकाय चलाने से लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हो रही है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के अंत में भाजपा नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही चुनाव की घोषणा नहीं की, तो पार्टी इस आंदोलन को और उग्र बनाएगी।”यह आंदोलन अब थमने वाला नहीं है। हम सड़क से सदन तक जनता की आवाज उठाएंगे और सरकार को चुनाव कराने के लिए विवश करेंगे।”
प्रदर्शन में मुख्य रूप से शामिल रहे
इस दौरान भाजपा के जिला स्तर के पदाधिकारी, जुगसलाई मंडल के अध्यक्ष, बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता और स्थानीय नेता मौजूद थे। सभी ने एक सुर में सरकार की ‘चुप्पी’ को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया।
