
जगन्नाथपुर/नोवामुंडी: पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत जेटेया थाना क्षेत्र में मंगलवार की रात ‘यमदूत’ बनकर आए एक जंगली हाथी ने भारी तबाही मचाई है। हाथी के भीषण हमले में अलग-अलग गांवों के कुल 6 ग्रामीणों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 4 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इस प्रलयकारी घटना के बाद से पूरे जेटेया इलाके में मातम और दहशत का माहौल व्याप्त है।
पहली घटना: मुड़ासाईं टोला में उजड़ गया पूरा परिवार
हाथी के कहर की सबसे हृदयविदारक घटना रात करीब 10 बजे बवाडिया गांव के मुड़ासाईं टोला में हुई। यहाँ हाथी ने एक कच्ची झोपड़ी को ध्वस्त करते हुए अंदर सो रहे एक ही परिवार के चार सदस्यों को कुचलकर मार डाला।मृतक में सनातन मेराल (52), उनकी पत्नी जोलोको कुई (50), बेटी दमयंती (8) और मासूम बेटा मुंगडु मेराल (5)। हाथी ने घर के अंदर घुसकर माता-पिता और उनके दो छोटे बच्चों को संभलने तक का मौका नहीं दिया और उन्हें बुरी तरह रौंद दिया।
दूसरी घटना: उल्लीसाई टोला में हमला, एक की मौत, चार घायल
रात करीब 11 बजे उसी गांव के उल्लीसाई टोला में हाथी ने दोबारा हमला किया। यहाँ हाथी ने गुरुचरण लागुरी को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने शोर मचाकर हाथी को भगाया और गुरुचरण को तुरंत नोवामुंडी अस्पताल पहुँचाया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इसी हमले में गोपया लागुरी, हिन्दु लागुरी और गुराय लाडया सहित चार अन्य लोग घायल हो गए, जिनका उपचार चल रहा है।
तीसरी घटना: खलिहान की रखवाली कर रहे युवक को कुचला
हाथी का तांडव यहीं नहीं रुका। रात करीब 2 बजे बड़ापासिया गांव के डुगुडबासा में हाथी ने खलिहान पर हमला किया। यहाँ फसल की रखवाली कर रहे मंगल बोबोंगा (22) को हाथी ने कुचलकर मार डाला। सुबह जब ग्रामीण खलिहान पहुँचे, तब इस तीसरी घटना का पता चला।
प्रशासनिक मुस्तैदी और ग्रामीणों का आक्रोश
बुधवार सुबह घटना की सूचना मिलते ही जेटेया थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। वन विभाग की टीम भी क्षेत्र में गश्त कर रही है, लेकिन ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में हाथियों का मूवमेंट पहले से था, लेकिन वन विभाग ने सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए। डर के मारे लोग अपने घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। कई ग्रामीणों ने ऊँचे स्थानों या पक्के मकानों में शरण ली है।
मृतकों की सूची:
सनातन मेराल (52 वर्ष) – बवाडिया
जोलोको कुई (50 वर्ष) – बवाडिया
दमयंती मेराल (8 वर्ष) – बवाडिया
मुंगडु मेराल (5 वर्ष) – बवाडिया
गुरुचरण लागुरी – बवाडिया
मंगल बोबोंगा (22 वर्ष) – बड़ापासिया
