
धनबाद: कोयलांचल में संगठित अपराध और अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए धनबाद पुलिस ने एक बेहद सख्त और व्यापक अभियान छेड़ा है। एसएसपी प्रभात कुमार ने शुक्रवार को स्पष्ट कर दिया कि अब फर्जी या भाड़े के बेलर (जमानतदार) के सहारे जेल से बाहर आना अपराधियों के लिए मुमकिन नहीं होगा। पुलिस ने जिले के लगभग 3400 अपराधियों के भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
फर्जी बेलर नेटवर्क पर सर्जिकल स्ट्राइक
एसएसपी प्रभात कुमार ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान बताया कि पुलिस के संज्ञान में ऐसे कई मामले आए हैं जहाँ पेशेवर अपराधी पैसा देकर ‘भाड़े के बेलर’ तैयार करते हैं। ये बेलर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेल बॉन्ड भरते हैं, जो न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि पुलिसिया जांच में भी बड़ी बाधा है।एसएसपी ने इस पूरे सिंडिकेट की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। यह टीम उन सभी मामलों की फाइलें दोबारा खोल रही है जिनमें अपराधियों को 2025 तक जमानत मिली है।
15 दिनों का ‘स्पेशल ड्राइव’: 31 जनवरी तक डेडलाइन
एसएसपी ने पिछले पांच वर्षों के अपराध रिकॉर्ड को खंगालते हुए 3400 ऐसे अपराधियों की सूची तैयार की है जो विभिन्न संगीन मामलों में शामिल रहे हैं।यह वेरिफिकेशन अभियान आज से शुरू होकर 31 जनवरी तक चलेगा। जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अगले 15 दिनों के भीतर हर एक सूचीबद्ध अपराधी का सत्यापन पूरा करें। इसकी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी संबंधित अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को सौंपी गई है।
वेरिफिकेशन के बाद क्या होगा?
पुलिस इस अभियान के जरिए अपराधियों की वर्तमान स्थिति और उनकी गतिविधियों का आकलन करेगी। इसके आधार पर निम्नलिखित कदम उठाए जाएंगे।सक्रिय अपराधियों के खिलाफ निगरानी प्रस्ताव खोला जाएगा।संदिग्ध गतिविधियों वाले अपराधियों को नियमित रूप से थाने में हाजिरी लगाने का आदेश दिया जाएगा।यदि वेरिफिकेशन के दौरान कोई बेलर फर्जी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।
1 फरवरी को होगी अंतिम समीक्षा
एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि इस प्रोजेक्ट की अंतिम रिपोर्ट 1 फरवरी तक तैयार कर ली जाएगी। इसके बाद इसकी विस्तृत समीक्षा होगी। उन्होंने अपराधियों और उनके संरक्षकों को चेतावनी देते हुए कहा कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपराधियों के नेटवर्क पर लगातार प्रहार जारी रहेगा और फर्जीवाड़े को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
