
जमशेदपुर। जमशेदपुर स्थित परिसदन में झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य भर के अल्पसंख्यक विद्यालयों की जर्जर स्थिति, बुनियादी सुविधाओं की कमी और शिक्षकों के भारी अभाव को लेकर गहन मंथन किया गया।
स्कूल भवनों की हालत पर गहरी चिंता
बैठक की अध्यक्षता करते हुए झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्ला खान ने कहा कि राज्य के कई अल्पसंख्यक स्कूलों के भवन बेहद जर्जर स्थिति में हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा दोनों प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही शिक्षकों की भारी कमी के कारण पढ़ाई का स्तर भी लगातार गिर रहा है।
तीन महीने में ठोस कदम उठाने का दावा
अध्यक्ष हिदायतुल्ला खान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अल्पसंख्यक स्कूलों की बदहाली आयोग के लिए गंभीर चिंता का विषय है और इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर लिया गया है। उन्होंने बताया कि आयोग ने निर्णय लिया है कि अगले तीन महीनों के भीतर जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत और शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए ठोस और व्यावहारिक कदम उठाए जाएंगे।
संबंधित विभागों को दिए गए निर्देश
बैठक के दौरान आयोग ने शिक्षा विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए। आयोग ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि अल्पसंख्यक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को सुरक्षित, बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो।
बच्चों के भविष्य से कोई समझौता नहीं
हिदायतुल्ला खान ने कहा कि अल्पसंख्यक समाज के बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना सरकार और आयोग की सामूहिक जिम्मेदारी है। आयोग लगातार स्कूलों की स्थिति की निगरानी करेगा और यदि कहीं लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की अनुशंसा भी की जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
बैठक में यह भी कहा गया कि केवल भवनों की मरम्मत ही नहीं, बल्कि शिक्षकों की नियुक्ति, बुनियादी संसाधनों की उपलब्धता और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि अल्पसंख्यक विद्यालय राज्य की मुख्यधारा की शिक्षा व्यवस्था के साथ मजबूती से जुड़ सकें।
