
जमशेदपुर: विद्यापति नगर स्थित ट्रांसपोर्ट कुआं मैदान इस वर्ष सरस्वती पूजा के दौरान एक ऐतिहासिक दृश्य का गवाह बनेगा। राधा कृष्ण बॉयज क्लब की ओर से यहाँ 31 फीट ऊंची मां सरस्वती की भव्य प्रतिमा का निर्माण कराया जा रहा है। समिति का दावा है कि आकार और कलात्मकता के मामले में यह प्रतिमा पूरे बिहार, झारखंड, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल में अब तक की सबसे विशाल और अनूठी प्रतिमाओं में से एक होगी।
महीनों की मेहनत और बारीकी से तराशी गई कला
प्रतिमा की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अनुभवी कारीगर पिछले कई महीनों से दिन-रात इसे अंतिम रूप देने में जुटे हैं। 31 फीट की ऊंचाई के साथ-साथ प्रतिमा की भाव-भंगिमा और अलंकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को मां शारदे के दिव्य स्वरूप के दर्शन हो सकें।
23 से 28 जनवरी तक बहेगी भक्ति की बयार
राधा कृष्ण बॉयज क्लब के तत्वावधान में पूजा का आयोजन 23 जनवरी से 28 जनवरी तक किया जाएगा। पूरे विधि-विधान और पारंपरिक वैदिक मंत्रोचार के साथ मां का पूजन होगा। प्रतिदिन होने वाली आरती और विशेष अनुष्ठानों के साथ-साथ झारखंड की समृद्ध लोक कला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी मुख्य आकर्षण होंगी।प्रतिमा के अनुरूप ही पंडाल और साज-सज्जा को भी बेहद आकर्षक बनाया जा रहा है।
“सांस्कृतिक और पारंपरिक मूल्यों का होगा संगम”: पहलाद लोहार
पूजा समिति के संरक्षक पहलाद लोहार ने बताया कि इस वर्ष का आयोजन केवल आकार में ही बड़ा नहीं है, बल्कि यह हमारी परंपराओं को सहेजने का एक प्रयास भी है। उन्होंने कहा कि पंडाल परिसर में झारखंड की पारंपरिक साज-सज्जा और लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी, जिससे नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ सकेगी।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम
इतनी विशाल प्रतिमा को देखने के लिए पड़ोसी राज्यों (उड़ीसा, बंगाल और बिहार) से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुँचने की उम्मीद है। इसे देखते हुए पूजा समिति के युवाओं ने सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष वॉलंटियर्स की टीम तैयार की है। स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर शांतिपूर्ण और गरिमामय आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
