
जमशेदपुर: खासमहल स्थित सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में एनयूएचएम के तहत एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में ह्यूमन पेपिलोमावायरस वैक्सीनेशन की बारीकियों पर चर्चा की गई। सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के नेतृत्व में आयोजित इस सत्र में एएनएम , कोल्ड चैन हैंडलर और सहिया साथियों को इस घातक वायरस से बचाव और टीकाकरण प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया।
बिना लक्षण के भी फैलता है संक्रमण: डॉ. साहिर पाल
प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने एक चौंकाने वाला तथ्य साझा किया। उन्होंने बताया कि अधिकांश मरीजों में पापिलोमावायरस के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। लक्षण न होने के बावजूद संक्रमित व्यक्ति अनजाने में इस वायरस को दूसरों तक फैला सकता है। यही कारण है कि समय पर टीकाकरण और जागरूकता ही इससे बचाव का एकमात्र प्रभावी रास्ता है।
6 तरह के कैंसर का कारण है एचपीवी
सिविल सर्जन ने एचपीवी की जटिलताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह वायरस शरीर में छह अलग-अलग प्रकार के कैंसर को जन्म दे सकता है। इसमें सबसे प्रमुख हैं गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर ,गुदा का कैंसर ,ग्रिवा और गले से संबंधित कैंसर।
स्वास्थ्यकर्मियों को दी गई प्रबंधन की ट्रेनिंग
प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को एचपीवी के जोखिमों के प्रति सजग करना और इसके टीकाकरण अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए तैयार करना था।स्वास्थ्यकर्मियों को बताया गया कि कैसे सही समय पर वैक्सीन लगाकर भविष्य में होने वाले कैंसर के खतरों को टाला जा सकता है। कोल्ड चैन हैंडलर्स को वैक्सीन के सुरक्षित रखरखाव और तापमान प्रबंधन के तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई। सहिया साथियों को निर्देशित किया गया कि वे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को इस वायरस के खतरों के प्रति जागरूक करें और उन्हें टीकाकरण के लिए प्रेरित करें।
