
जमशेदपुर: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्य समिति सदस्य, बुद्धिजीवी मंच के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध शिक्षाविद डॉ. जटाशंकर पांडे ने केंद्रीय बजट 2026 की सराहना करते हुए इसे आम आदमी के हितों की रक्षा करने वाला एक ‘निर्णायक’ बजट करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट उन ताकतों को करारा जवाब है जो दशकों तक जनता को खोखले नारों में उलझाती रहीं।
आम आदमी की रसोई और जेब का रखा गया ख्याल
डॉ. पांडे ने बजट के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता सत्ता नहीं, बल्कि जन-कल्याण है। उन्होंने मुख्य रूप से बजट में दवाइयों, इलाज और शिक्षा को सुलभ बनाने के प्रावधान सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाते हैं।खाद्य सामग्री और दैनिक जरूरतों की वस्तुओं को आम आदमी की पहुंच में रखने की कोशिश की गई है।स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ा हुआ आवंटन भविष्य की पीढ़ी को सशक्त बनाएगा।
किसानों और युवाओं के लिए ‘ठोस नीति’
विपक्ष पर निशाना साधते हुए डॉ. पांडे ने कहा कि जिन्होंने किसानों को कर्ज के दलदल में छोड़ा, उनके लिए यह बजट एक आईना है। बीज, खाद और सिंचाई की मजबूत व्यवस्था से किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि युवाओं को अब केवल आंदोलनों के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। स्टार्टअप, स्किल ट्रेनिंग और लघु उद्योगों के जरिए उन्हें नौकरी मांगने वाले के बजाय ‘नौकरी देने वाला’ बनाया जा रहा है।
नारी शक्ति और डिजिटल कनेक्टिविटी
डॉ. पांडे के अनुसार, यह बजट महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए मील का पत्थर साबित होगा। स्वयं सहायता समूहों और छोटे व्यवसायों को प्रोत्साहन देकर महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र करने की नीति सराहनीय है। साथ ही, गांव-गांव तक डिजिटल कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे (सड़क, बिजली, पानी) का विस्तार विकास में भेदभाव को खत्म करने का संकल्प है।
विपक्ष पर तीखा हमला
विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही नकारात्मकता पर प्रहार करते हुए डॉ. पांडे ने कहा बजट 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश अब तुष्टिकरण और भ्रम की राजनीति से नहीं, बल्कि विकास और राष्ट्रहित के रास्ते पर चलेगा। यह बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में एक सशक्त कदम है।
